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लोड के अनुसार बिजली बिल नहीं आया तो कार्रवाई

ग्रामीण क्षेत्र में घरों में लगे एसी (एयरकंडीशन) का लोड बिजली बिल के अनुसार नहीं मिला तो उस उपभोक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। बिजली निगम ने कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्र में घरों में लगे एसी की लिस्ट बनाने के आदेश दिए हैं। जिनके घर में एसी लगे हैं, बिजली कर्मचारी उनके बिजली बिलों की जांच करेंगे। अगर लोड के अनुसार बिजली बिल में गड़बड़ी मिली तो एसी लगाने वाले उपभोक्ता पर जुर्माना तो लगेगा ही, उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी। बिजली निगम का दावा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 12 घंटे बिजली दी जाती है। यह भी दावा है कि बिजली निगम अब ग्रामीण क्षेत्र में शहरों की तर्ज पर बिजली आपूर्ति देने का मन बना रहा है। इसके लिए गांवों में म्हारा गांव जगमग योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत इन गांवों में 18 घंटे तक बिजली दी जा रही है। बिजली निगम का इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में बिजली चोरी को रोकना है। बिजली निगम का मानना है कि बिजली के लोड को बिना अपलोड कराए कई ग्रामीण उपभोक्ता अपने घर में एसी लगा रहे हैं। इससे बिजली निगम को करोड़ों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। अब निगम ने बिजली चोरी कर एसी लगाने वालों पर सख्ती से पेश आने का मन बनाया है। अपलोड कराना पड़ता है लोड ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर घरों के दो किलोवाट तक के बिजली के कनेक्शन हैं। अगर कोई उपभोक्ता घर में एसी लगाता है तो उसे लोड को ज्यादा करवाना होता है। एसी लगने के बाद बिजली का लोड साढ़े तीन से चार किलोवाट हो जाता है। क्या कहते हैं अधिकारी :- इस बारे में बिजली निगम के एसई कृष्ण स्वरूप का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं को शेड्यूल अनुसार बिजली दी जाती है। इसके बाद भी बिजली चोरी हो रही है। अब गांवों में एसी भी ज्यादा लगने लगे हैं। ऐसे में बिजली चोरी होने की संभावना अधिक है। इसलिए अब गांवों में लगे एसी के लोड व मीटरों की जांच होगी, जिसके लिए कर्मचारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। अगर लोड के अनुसार बिजली का बिल नहीं मिला या मीटर खराब मिला तो उपभोक्ता पर जुर्माने के साथ बिजली चोरी की एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

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  • Web Title: If there is no electricity bill according to load then action