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स्कूलों में पानी शुद्ध करेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

स्वास्थ्य विभाग की टीम सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में जाकर पीने का पानी शुद्ध करेगी। इसके लिए फरीदाबाद और बल्लभगढ़ ब्लॉक में 26 टीमें बनाई गई हैं। यह टीम प्रत्येक 15 दिनों में स्कूल जाकर पानी की टंकी जांच करेगी, उसमें पेयजल शुद्ध करने वाली दवा और ब्लीचिंग पाउडर डाला जाएगा। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन को पानी शुद्ध करने वाली दवा भी दी जाएगी, जिले पानी की टंकी में डालना होगा। स्कूली बच्चों को उल्टी, दस्त, बुखार और जलजनित बीमारियों से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसे सफल बनाने के लिए स्कूल हेल्थ में तैनात कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को सहायक सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार को दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अभी तक नगर निगम की ओर से बूस्टिंग स्टेशन पर क्लोरीन की गोलियां डाली जा रही थीं लेकिन स्कूलों में जाकर पहली बार पानी की टंकी में दवा डाली जाएगी। स्कूल प्रबंधन को भी दी जाएंगी दवाइयां स्कूलों प्रबंधन को पानी शुद्ध करने की दवा भी दी जाएगी, जिसे पानी की टंकी में प्रत्येक दूसरे-तीसरे दिन डालना होगा, ताकि पानी की टंकी में पलने वाले कीटाणुओं को मारा जा सके। मलेरिया विभाग में तैनात जीवाणुतत्ववेत्ता (बैक्टीरियोलॉजिस्ट) डॉ. प्रवीण अरोड़ा का कहना है कि पानी की टंकी में एक बार कीटाणु मारने की दवा डालने के बाद इसका असर तीन से चार दिनों तक रहता है। पानी के नमूने हो रहे फेल स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार मार्च-अप्रैल में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 436 पानी के नमूने लिए गए थे। इनमें से मात्र 91 जगहों का पानी पीने योग्य पाया गया। इस दौरान शहर के कई स्कूलों से भी पानी के नमूने लिए गए थे। इस संबंध में नगर निगम को भी जानकारी दे दी गई है। सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा : स्कूल हेल्थ का सहयोग लेकर इसे शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में जाकर पानी की टंकी में कीटाणु मारने वाली दवा को डालेंगे, जिससे स्कूली बच्चों को पानी से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। जलजनित बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या वर्ष 2017 जनवरी : 123 फरवरी : 140 मार्च : 179 अप्रैल : 224 विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूने महीने नमूने लिए गए पास हुए जनवरी : 104 15 फरवरी : 128 29 मार्च : 187 48 अप्रैल : 249 43 विभाग में उपलब्ध पानी साफ करने की दवा : करीब दो डिब्बे (दो लाख गोलियां) मार्च में अभी तक बांटे गए : 25 डिब्बा जिले में स्कूलों पर एक नजर सरकारी विद्यालय: करीब 371 प्राथमिक विद्यालय: 240 माध्यमिक विद्यालय: 42 उच्च विद्यालय: 38 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय: 51 निजी विद्यालय : 561 कक्षा 12 में जिले में छात्र :13598 पास हुए 7714 (2016 का परीक्षा परिणाम के मुताबिक ) अवध

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  • Web Title:health department's team will purify water in schools