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 प्लॉट नहीं देने पर बिल्डर के खिलाफ अरेस्ट वारंट

प्लॉट नहीं देने पर बिल्डर के खिलाफ अरेस्ट वारंट

संक्षेप: -हरेरा ने मामले की सुनवाई के बाद सुनाया फैसला-निवेश वर्ष 2020 से अपने प्लॉट के लिए संघर्षशील है----फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) पंचकूला ने बीपीटीपी...

Tue, 18 Nov 2025 06:47 PMNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) पंचकूला ने बीपीटीपी डिस्ट्रिक्ट-1 ब्लॉक-सी सेक्टर-81 में निवेशक को प्लॉट नहीं देने के मामले में बिल्डर के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया है। निवेशक पांच वर्ष से अपने प्लॉट के लिए बिल्डर के चक्कर लगा रहा है। बिल्डर से प्लॉट मिलने की सभी निवेश अभिनव त्यागी ने हरेरा में अपील की थी। जानकारी के अनुसार अभिनव त्यागी ने वर्ष 2020 में बीपीटीपी डिस्ट्रिक्ट-1 ब्लॉक-सी सेक्टर-81 में 116.64 स्क्वायर मीटर प्लॉट बुक कराया था। इसकी एवज में बिल्डर ने 10 प्रतिशत एंडवास यानि आठ लाख रुपये ले लिए थे। बता दें कि उस समय यह प्लॉट 7275141 रुपये था।

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बुकिंग अमाउंट देने के बाद निवेशक ने शेष राशि के लिए बैंक से लोन लेने का फैसला किया था। इसके तहत निवेशक बिल्डर-बायर एंग्रीमेंट मांगते रहे। ताकि बैंक लोन की कार्रवाई को पूरा किया जा सके, लेकिन बिल्ड आजकल करके टालता रहा। अंत में बिल्डर ने बिना पूर्व सूचना के ईमेल के जरिये एक टर्मिनेशन लेटर जारी कर दिया। यहां से बिल्डर ने निवेशक की मुसीबतें बढ़ाना शुरू कर दी। निवेश अपने आठ लाख रुपये वापस मांगने लगा। इसमें भी बिल्डर आनाकानी करने लगा। बिल्डर ने अंत में 26 हजार रुपये लेनदारी बताकर पैसे देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। इसके बाद निवेशक अभिनव त्यागी हरेरा में चले गए। उसमें मात्र चार सुनवाई में निवेशक के पक्ष में फैसला आया और हरेरा ने निवेशक प्लॉट और करीब 10 प्रतिशत ब्याज देने के आदेश दिए। इसके पश्चात मामला वर्ष 2022 में एग्जेक्यूशन में रहा। जानकारी के अनुसार बिल्डर कभी भी शारीरिक तौर कोर्ट में उपस्थित नहीं रहा। इसे लेकर अप्रैल में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। उसका भी ठीक प्रकार से उत्तर नहीं दिया। अब हरेरा ने बिल्डर के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया है और निवेशक को निवार्ह भत्ता देने के निर्देश जारी। बता दें कि अभिनव त्यागी ने यह प्लॉट अपना आशियाना बनाने के उद्देश्य से बुक किया था। प्लॉट नहीं मिलने की वजह से वह आज भी किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं। इस संबंध में बीपीटीपी के प्रवक्ता का कहना है कि इस फैसले के विरूद्ध में एक कोर्ट में एक अपील दायर की है और विश्वास है कि हमारे पक्ष में फैसला आएगा। ---- अभिषेक शर्मा