आईटीआई के जर्जर भवनों की जांच होगी
हरियाणा सरकार कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने पर जोर दे रही है। आईटीआई के भवनों की जांच होगी और जर्जर भवनों की रिपोर्ट के आधार पर नए भवन बनाए जाएंगे। मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दिलाना है और विदेशी रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

चंडीगढ़/फरीदाबाद। प्रदेश सरकार कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने पर जोर दे रही है। आईटीआई के जर्जर भवनों की जिला स्तर पर जांच कराई जाएगी। फिट भवनों की रिपोर्ट के आधार पर नए भवन बनाए जाएंगे और प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी। हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि कौशल विभाग का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईटीआई और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण लेने के बाद युवाओं को नौकरी मिले, यह सरकार और विभाग की सामूहिक जिम्मेदारी है। मंत्री पंचकूला स्थित कौशल भवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में स्किल विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी सौंपी जाए। ये अधिकारी ग्राउंड स्तर पर जाकर आईटीआई भवनों की फिटनेस की जांच करेंगे। जो भवन जर्जर पाए जाएंगे, उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि वहां नए भवनों का निर्माण किया जा सके। गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा कौशल विभाग युवाओं के लिए विदेशी रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विदेशी प्लेसमेंट से जुड़ी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए, ताकि प्रदेश के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें और बेहतर आय के अवसर प्राप्त कर सकें। मंत्री ने रोजगार मेलों को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेलों में भाग लेने वाली कंपनियों से मिलने वाले वास्तविक प्लेसमेंट आंकड़ों की नियमित समीक्षा जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को वास्तव में रोजगार मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक, प्रशासनिक और आधारभूत ढांचे के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इससे कौशल विभाग का मिशन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा होगा। युवा सक्षम योजना, प्रमुख योजनाएं, गुरु-शिष्य योजना सहित सभी कार्यक्रम तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। मंत्री ने दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इससे युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है, जो रोजगार पाने में काफी मददगार साबित होता है।

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