
पंजीकरण पोर्टल में नई सुविधाएं और सुधार लागू
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवादाता। हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पंजीकरण पोर्टल में कई नई सुविधाएं और तकनीकी सुधार सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं, जिनसे नागरिकों को अधिक सहज, तेज और...
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवादाता। हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पंजीकरण पोर्टल में कई नई सुविधाएं और तकनीकी सुधार सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं, जिनसे नागरिकों को अधिक सहज, तेज और पारदर्शी सेवाएं प्राप्त होंगी। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि नागरिक अब नमूना विलेख (सैंपल डीड) का पूर्वावलोकन अनुमोदन से पहले देख सकेंगे। गलत फोटो या उपस्थिति की स्थिति में उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) अनुमोदन से पूर्व केस को पंजीकरण रजिस्टर (आरसी) को वापस कर सकेगा। इसके अलावा, “विधवा” आदि जैसे संबंध विकल्प जोड़े गए हैं, जो विलेख पर भी प्रदर्शित होंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी हस्तांतरण विलेखों के लिए अब केवल विभाग का नाम आवश्यक होगा, पैन और आधार संख्या नहीं मांगी जाएगी।

सरकारी एजेंसियों जैसे एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी व एचएसएएमबीऔर हाउसिंग बोर्ड के मामलों में किला, खसरा अनिवार्य नहीं रहेगा। जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) से संबंधित मामलों में अधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति अब दर्ज की जाएगी और विलेख में मुद्रित होगी। डीड प्रिंटिंग प्रक्रिया में सुधार किया गया है, जिससे अब विलेख पर अधिकतम उपलब्ध जानकारी मुद्रित होगी। लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों के लिए खसरा चयन की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। अब सिस्टम प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर स्वचालित रूप से आगे बढ़ेगा। ट्रांसफर परमिशन केवल सेल, गिफ्ट या एक्सचेंज डीड के लिए आवश्यक होगी, जबकि वसीयत विलेख (विल डीडी) में दूसरी पार्टी वैकल्पिक रहेगी।

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