उद्यमियों के लिए सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे

Mar 02, 2026 09:00 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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हरियाणा सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें कॉमन फैसेलिटी सेंटर, महिला उद्यमिता मंच, और नई बीमा योजना शामिल हैं। सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष मान्यता और अनुदान बढ़ाने का भी ऐलान किया है। इन नीतियों से फरीदाबाद की 30 हजार इकाइयों को लाभ मिलेगा।

उद्यमियों के लिए सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे

फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। हरियाणा सरकार के बजट में उद्योग लगाने से लेकर निर्यात को बढ़ावा देने तक कई अहम घोषणाएं की गई हैं। औद्योगिक शहर फरीदाबाद की करीब 30 हजार छोटी-बड़ी इकाइयों को इन प्रावधानों से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। उद्यमियों का मानना है कि नीतियों के पारदर्शी तरीके से लागू होने से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। सरकार ने उद्योगों के लिए कॉमन फैसेलिटी सेंटर और कॉमन इंडस्ट्रियल सेक्रेटिएट बनाने की घोषणा की है। इससे स्वीकृतियों और विभागीय प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। वहीं सही मायने में सिंगल विंडो व्यवस्था शुरू हो सकेगी। उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लैंड ऑन लीज नीति लागू की जाएगी, जिसके तहत उद्यमी लीज पर जमीन लेकर फैक्टरी स्थापित कर सकेंगे।

इसके साथ ही लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट की नई व्यवस्था शुरू होगी, जिससे 45 दिनों के भीतर डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिला उद्यमिता मंच का गठन होगा। इससे महिलाओं के स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए मातृ शक्ति औद्योगिक क्रेच स्थापित किए जाएंगे। निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एडवांस रूलिंग पोर्टल बनाया जाएगा, जहां 15 दिनों के भीतर प्रश्नों का निपटारा करना अनिवार्य होगा। एमएसएमई उद्योगों के लिए वैश्विक कंपनियों को जोड़ने का प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। लघु उद्योगों के लिए औद्योगिक शैड और फैक्टरियां विकसित की जाएगी। स्टार्टएप के लिए प्ले एंड प्लग कलस्टर स्थापित किया जाएगा। एमएसएमई उद्योगों को वैश्विक कंपनियों से जोड़ने के लिए कार्यक्रम शुरू होंगे। औद्योगिक उत्पाद बेचने वालोंऔर खरीदारों की बैठकें आयोजित होंगी। इसमें वैश्विक खरीदारों को आमंत्रित किया जाएगा। जोखिम से बचाने के लिए नई बीमा योजना: उद्योगों को जोखिम से बचाने के लिए स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम शुरू की जाएगी। आग, चोरी या प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर बीमा राशि से क्षतिपूर्ति की जा सकेगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अपने कुल उत्पादन का 80 प्रतिशत निर्यात करने वाले उद्यमियों को विशेष मान्यता दी जाएगी। निर्यातकों को माल भाड़े पर मिलने वाला अनुदान 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जो निर्यात प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन और सहायता देंगे। बिजली आपूर्ति को लेकर भी राहत दी गई है। यदि सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं होता, तो औद्योगिक इकाइयों से फिक्स्ड चार्ज नहीं लिया जाएगा। उद्यमियों का कहना है कि यह लंबे समय से लंबित मांग थी और इससे उत्पादन लागत पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

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