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शिकायतों का निवारण पारदर्शिता से करने के निर्देश

शिकायतों का निवारण पारदर्शिता से करने के निर्देश

संक्षेप:

हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में शिकायतों का निवारण, समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी पोर्टल और जनसंवाद पोर्टल की समीक्षा की गई। उपायुक्त आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए।

Dec 05, 2025 05:15 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी पोर्टल और जनसंवाद पोर्टल पर लंबित जनशिकायतों की प्रगति का आकलन करना था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात उपायुक्त आयुष सिन्हा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी पोर्टल और जनसंवाद पोर्टल की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों का निवारण प्रभावी, दीर्घकालिक एवं पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग यह ध्यान रखे कि शिकायतों की एंट्री सही, स्पष्ट और वास्तविक स्थिति के अनुरूप हो, ताकि मुख्यालय स्तर पर वे दोबारा न खुले।

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साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सभी अधिकारी अपने विभाग से संबंधित पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की पूरी जानकारी रखें और उनकी प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करना सुनिश्चित करें। डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वयं समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी पोर्टल और जनसंवाद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर नजर रखे हुए हैं तथा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जिला स्तर तक मामलों की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में अधिकारियों को चाहिए कि इन माध्यमों पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनका निस्तारण तय समय सीमा में करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान करते समय केवल प्रशासनिक या विधिक पक्षों पर ध्यान केंद्रित करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसमें मानवीय संवेदनशीलता और व्यावहारिक दृष्टिकोण को भी बराबरी से जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि अधिकारियों द्वारा समस्याओं का निपटारा इस तरह किया जाए कि आमजन को वास्तविक राहत और संतोष प्राप्त हो।