बल्लभगढ़ में होने वाले विकास कार्यों पर लगा ब्रेक

हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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बल्लभगढ़,अशोक जैन। बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले वर्षों में स्वीकृत और कराए गए करोड़ों रुपये

बल्लभगढ़ में होने वाले विकास कार्यों पर लगा ब्रेक

बल्लभगढ़,अशोक जैन। बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले वर्षों में स्वीकृत और कराए गए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा कराए गए सड़क, पार्क, सीवर, पेयजल लाइन और सामुदायिक विकास से जुड़े 20 से अधिक कार्यों की फाइलें अब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की जांच के दायरे में आ गई हैं। जांच शुरू होने के बाद न केवल नए विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है, बल्कि कई पुराने भुगतानों पर भी रोक लगा दी गई है। सूत्रों के अनुसार एसीबी ने विभिन्न वार्डों में कराए गए कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड, स्वीकृतियां, अनुमानित लागत, निर्माण एजेंसियों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है।

जांच के चलते अधिकारियों द्वारा भी भुगतान और नई स्वीकृतियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बताया जा रहा है कि वार्ड 41, 42, 45 और 46 में सड़क निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइलें, आरएमसी सड़कें, पेयजल लाइन, पार्क निर्माण और सीवर लाइन जैसे कार्य जांच के दायरे में आए हैं। इनमें कई कार्यों की लागत 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक तक है। जांच शुरू होने के बाद कई ठेकेदारों के भुगतान अटक गए हैं। जिन ठेकेदारों ने कार्य पूरा कर दिया था, उन्हें भी बिलों के भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे निर्माण एजेंसियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर जिन क्षेत्रों में नए विकास कार्य प्रस्तावित थे, वहां के लोगों को भी अब इंतजार करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच की प्रक्रिया इतनी लंबी भी नहीं होनी चाहिए कि आम जनता विकास कार्यों से वंचित रह जाए। कई कॉलोनियों में सड़कें और जल निकासी की समस्याएं पहले से बनी हुई हैं। नगर निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया और भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी की निगाहें एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच पर टिकी हुई हैं।लोगों ने कहा, जांच के लिए कार्य नहीं रुकने चाहिएचावला कॉलोनी निवासी राजेश शर्मा का कहना है कि यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच जरूर होनी चाहिए, लेकिन विकास कार्य पूरी तरह रुक जाने से जनता को परेशानी होगी। वहीं, आर्य नगर की संगीता अग्रवाल ने कहा कि कई इलाकों में सड़क और पानी की समस्याएं अभी भी हैं। यदि भुगतान और नए काम रुकेंगे तो सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को होगा। सुभाष कॉलोनी के अजीत कुमार ने कहा कि पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन जांच जल्द पूरी होनी चाहिए। ठेकेदारों और मजदूरों पर भी इसका असर पड़ रहा है।वहीं, नाम न लिखने की शर्त पर ठेकेदारों ने बताया कि कार्यों की जांच पूरी होगी तभी काम शुरू किया जाएगा। पैसा भी रुक गया हैं, ऐसे में काम करना मुश्किल हो रहा है।सभी ठेकेदारों को काम करने के लिए नोटिस भेज दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि जो कार्य धीरे चल रहे हैं, उन्हें तेजी से कराएं।- विनोद अग्रवाल, उपमंडल अधिकारी,नगर निगम

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