
गुटका और तंबाकू की तीन कंपनियों के सीजीएसटी ने रिकॉर्ड खंगाले
केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय ने फरीदाबाद में तीन बड़ी गुटका और तंबाकू कंपनियों का निरीक्षण किया। टीम ने कंप्यूटर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। इस कार्रवाई का उद्देश्य टैक्स चोरी की शिकायतों की जांच करना और उद्योग को नियमों के दायरे में लाना है।
धनंजय चौहान, फरीदाबाद। केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय की ओर से तीन बड़ी गुटका, पान मसाला-तंबाकू बनाने वाली कंपनियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीम ने मौके से कंप्यूटर और रिकॉर्ड जब्त किया, जिनकी जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि तंबाकू और गुटका उद्योग अक्सर टैक्स चोरी के मामलों में चर्चा में रहा है। पिछले साल जून में भी शहर में शिखर, दिलबाग, कमला पसंद जैसे नामी ब्रांडों पर बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी का मामला सामने आया था। करोड़ों रुपये की टैक्स रिकवरी के बाद विभाग ने इस सेक्टर पर निगरानी को और सख्त कर दिया था।

इसी क्रम में एनआईटी 4 स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय (सीजीएसटी) की टीम ने गुरुवार को व्यापक निरीक्षण किया। दस सदस्यीय टीम सुबह करीब 10 बजे कंपनियों के परिसर में पहुंची और देर शाम तक उत्पादन स्थल, पैकेजिंग यूनिट, गोदाम और बिलिंग सेक्शन की गहन जांच करती रही। कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब विभाग को लगातार इस सेक्टर में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। -- वर्तमान स्टॉक और वित्तीय खातों का किया मिलान सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण में सीजीएसटी अधिकारियों ने कंपनियों के वर्तमान स्टॉक, दैनिक उत्पादन, कच्चे माल की खपत, तैयार माल की रवानगी और वित्तीय खातों का मिलान किया। टीम ने पिछले कई महीनों के ई-वे बिल, जीएसटी रिटर्न, एक्साइज से जुड़े रिकॉर्ड और कंप्यूटर में सुरक्षित डेटा को भी खंगाला। अधिकारियों को संदेह है कि उत्पादन जितना दिखाया जा रहा था, वास्तविक मात्रा उससे कहीं अधिक हो सकती है और इसी अंतर का उपयोग कर टैक्स चोरी की जा रही थी। -- दस्तावेजों को किया जब्त सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान टीम ने कंपनियों के सर्वर, हार्ड डिस्क और कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित कर लिया, जिन्हें आगे जांच के लिए जब्त किया गया है। टीम ने कर्मचारियों और अकाउंट स्टाफ से भी विस्तृत पूछताछ की। बताया जा रहा है कि विभाग ने कंपनियों से पिछले एक वर्ष का पूरा वित्तीय विवरण, बिक्री पैटर्न और वितरण नेटवर्क की जानकारी मांगी है। -- सीजीएसटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह कार्रवाई सिर्फ गड़बड़ियों की पुष्टि के लिए नहीं, बल्कि कंपनियों को नियमों के दायरे में रहकर कारोबार करने के संदेश के रूप में भी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि तंबाकू से जुड़े उत्पादों में टैक्स दरें ऊंची होने के कारण कुछ कंपनियां वास्तविक उत्पादन को छिपाकर टैक्स की बड़ी राशि बचाने की कोशिश करती हैं। ऐसे मामलों में रिकॉर्ड का मिलान और दस्तावेजों का सत्यापन बेहद जरूरी हो जाता है। उन्होंने बताया कि यदि जांच में अनियमितताएं साबित होती हैं, तो विभाग कंपनियों पर टैक्स वसूली के साथ भारी जुर्माना लगाएगा। गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। विभाग जल्द ही कंपनियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगेगा और उसके आधार पर टैक्स की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -- निरीक्षण के बाद उद्योग जगत में हलचल उद्योग जगत में इस कार्रवाई से हलचल मच गई है। कई मध्यम और छोटी इकाइयां भी अपने दस्तावेज दुरुस्त करने में जुट गई हैं। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि निरीक्षण पारदर्शी तरीके से हों और ईमानदारी से काम करने वाली इकाइयों को अनावश्यक परेशान न किया जाए, तो उद्योग में प्रतिस्पर्धा और विश्वास दोनों बढ़ेंगे। सीजीएसटी विभाग ने साफ किया है कि आने वाले महीनों में भी ऐसे निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। उद्देश्य उद्योग को नियमों के दायरे में रखना और सरकारी राजस्व की हानि को रोकना है। फिलहाल विभाग जांच रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई तय होगी। -- पिछले साल पहले ऐसे पकड़ी गई थी जीएसटी चोरी पिछले साल फरीदाबाद सीजीएसटी आयुक्तालय को काफी समय से ग्रेटर फरीदाबाद में बने कमला पसंद पान मसाला के तीन गोदाम में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार छापेमारी के लिए एंटी इवेजन ब्रांच की एक टीम गठित की गई। दिल्ली के जैतपुर स्थित पान मसाला के गोदाम पर छापेमारी के लिए दिल्ली आयुक्तालय के सहयोग लिया गया। इसके बाद विभाग की टीम ने शनिवार देर रात बदरपुर बोर्डर पर एक ट्रक को पकड़ा। यह ट्रक बिना ई-वे बिल और वैध दस्तावेजों के कमला पसंद पान मसाला लेकर जा रहा था। ट्रक में करीब साढ़े छह लाख पाउच लदे थे, जो करीब 25 लाख रुपये के थे। जांच के दौरान टीम ने चार ऐसे स्थानों का भी पता लगाया जो जीएसटी में पंजीकृत नहीं थे। वहां बड़ी मात्रा में बिना हिसाब-किताब का पान मसाला और चबाने वाला तंबाकू जमा किया जा रहा था। यह गोदाम ग्रेटर फरीदाबाद और दिल्ली के जैतपुर में था, जिससे ग्रेटर फरीदाबाद स्थित मुख्य गोदाम से माल को चोरी-छिपे निकाला जा सके और आसानी से अन्य गोदामों तक पहुंचाया जा सके। यह पूरा रैकेट बेहद योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था, जिससे विभाग की नजरों से बचा जा सके। इसके बाद टीम ने ग्रेटर फरीदाबाद समेत दिल्ली के बिना पंजीकृत गोदाम पर छापा मारा गया। जहां टीम को शिखर, तानसेन, कमला पसंद, डबल ब्लैक, स्वागत गोल्ड, एसएस वन, हंस जैसे नामी ब्रांडों का बड़ा स्टॉक मिला था। इन सभी उत्पादों का कोई भी वैध रेकॉर्ड मौजूद नहीं था। जांच के आधार पर कंपनियों पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

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