हरियाणा रोडवेज के पास डीजल का विकल्प नहीं
फरीदाबाद में रोडवेज बसों की ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। सभी 150 बसें डीजल पर निर्भर हैं, जबकि सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। 2012 में सीएनजी बसें शुरू हुई थीं, लेकिन अब ये बेड़े से बाहर हो गई हैं। इलेक्ट्रिक बसों की योजना भी धीमी गति से चल रही है।

बल्लभगढ़, अशेाक जैन। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच ईंधन आपूर्ति को लेकर समय-समय पर उठने वाली आशंकाओं ने हरियाणा रोडवेज की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फरीदाबाद रोडवेज डिपो के पास वर्तमान में डीजल के अलावा कोई वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यदि किसी कारणवश डीजल की आपूर्ति प्रभावित होती है तो सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है। फरीदाबाद डिपो में इस समय करीब 150 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है और सभी बसें पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं। एक समय फरीदाबाद में सीएनजी बसों के संचालन की शुरुआत हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे ये बसें बेड़े से बाहर हो गईं। इसके साथ ही सीएनजी पंप भी बंद हो गया। अब न तो सीएनजी बसें उपलब्ध हैं और न ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो पाया है।
2012-13 में शुरू हुई थी सीएनजी बस सेवा
फरीदाबाद में वर्ष 2012-13 के दौरान पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को ध्यान में रखते हुए सीएनजी बसों का संचालन शुरू किया गया था। उस समय बसों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए अदानी गैस की ओर से सीएनजी पंप भी स्थापित किया गया था। लेकिन समय के साथ सीएनजी बसें बेड़े से बाहर होती चली गईं और जब बसों का संचालन बंद हो गया तो सीएनजी पंप भी निष्क्रिय हो गया। वर्षों से यह पंप बंद पड़ा है।
इलेक्ट्रिक बस योजना भी नहीं पकड़ सकी रफ्तार
पूर्व परिवहन मंत्री एवं वर्तमान विधायक पंडित मूलचंद शर्मा ने 15 अगस्त 2021 को बल्लभगढ़ से गुरुग्राम के बीच एक इलेक्ट्रिक बस का शुभारंभ किया था। इस अवसर पर भाजपा के कई नेताओं ने बस में यात्रा भी की थी। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि भविष्य में इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा बेड़ा तैयार होगा, लेकिन एक बस के संचालन के बाद यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी और कागजों तक सीमित होकर रह गई।
एफएमडीए ने जून और सितंबर तक 200 इलेक्ट्रिक बसें चलने का किया दावा
फरीदाबाद में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बस परियोजना पर काम चल रहा है। एफएमडीए के अधिकारियों का दावा है कि आने वाले महीनों में स्थिति बदल सकती है।
विवेक कुमार गिल,चीफ इंजीनियर मोबिलिटी,एफएमडीए
फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक बस परियोजना को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। हमारी योजना के अनुसार जून माह के अंत तक 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर तक 100 और इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। कुल 200 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी और लोगों का सफर अधिक सुविधाजनक होगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां जोरों पर हैं।
रोडवेज के पास केवल डीजल बसों का ही विकल्प
हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद डिपो में किसी भी प्रकार की वैकल्पिक ईंधन आधारित बस उपलब्ध नहीं
शिखा, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद डिपो
फरीदाबाद डिपो के पास वर्तमान में लगभग 150 बसें हैं और सभी बसें डीजल से संचालित होती हैं। हमारे पास न तो सीएनजी बसें हैं और न ही इलेक्ट्रिक बसें। फिलहाल डिपो में केवल डीजल बसों का संचालन किया जा रहा है।
संकट की स्थिति में बढ़ सकती हैं यात्रियों की मुश्किलें
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में ईंधन के एक ही स्रोत पर अत्यधिक निर्भरता जोखिम पैदा कर सकती है। फरीदाबाद जैसे औद्योगिक और घनी आबादी वाले जिले में प्रतिदिन हजारों यात्री रोडवेज बसों पर निर्भर रहते हैं। यदि किसी कारण डीजल आपूर्ति बाधित होती है तो बस संचालन प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल यात्रियों और परिवहन विशेषज्ञों की निगाहें नगर निगम की इलेक्ट्रिक बस परियोजना पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय के अनुसार इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरती हैं तो फरीदाबाद को पहली बार डीजल पर निर्भरता कम करने का एक मजबूत विकल्प मिल सकेगा।
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