निवेश का झांसा देकर सीएस से 35 लाख ठगे

निवेश का झांसा देकर सीएस से 35 लाख ठगे

संक्षेप:

फरीदाबाद,वरिष्ठ संवाददाता। क्र्रिप्टो करेंसी में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर एक सीएस (कंपनी

Dec 08, 2025 08:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद,वरिष्ठ संवाददाता। क्र्रिप्टो करेंसी में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर एक सीएस (कंपनी सेक्रेटरी) से 35 लाख रुपये ठग लिए गए। सूरजकुंड थाना पुलिस ने रविवार को पीड़ित की शिकायत पर पीड़ित के पूर्व सहकर्मी सीए और उसके दोस्त के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, गुरुग्राम के सेक्टर-92 निवासी पीड़ित सीएस वर्ष 2022 में एनआईटी निवासी सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) गौरव विग के साथ एक कंपनी में नौकरी करती थीं। वर्ष 2022 में गौरव ने उन्हें बताया था कि सेक्टर-21सी निवासी उसका दोस्त नितिन मेहता क्रिप्टो करेंसी का काम करता है। इसमें में बड़ा मुनाफा होता है।

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इस पर उन्होंने अपने पूर्व सहकर्मी और उसके दोस्त पर विश्वास कर अलग-अलग समय पर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश के लिए 35 लाख रुपये दे दिए। कुछ समय के लिए उन्हें ढाई-तीन लाख रुपये लाभ दिया गया। फिर उनसे और रुपये ले लिए। 23 मार्च वर्ष 2023 तक उनसे कुल 35 लाख रुपये लिए गए। काफी समय बाद भी पीड़ित को कोई मुनाफा नहीं हुआ तो उन्होंने अपनी रकम मांगनी शुरू की, लेकिन वे बहाने बनाकर रुपये देने में आनाकानी करने लगे। इस पर पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त कार्यालय में दे दी थी। इस मामले कीजांच साइबर अपराध थाना एनआईटी को सौंपी गई थी, लेकिन वहां से यह मामला साइबर का न होकर धोखाधड़ी का पाया गया। इस पर यह शिकायत सूरजकुंड थाना भेज दी गई। रविवार को पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर उपरोक्त दोनों दोनों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पीड़ित ने बताया कि उसने यह रकम अपने पूर्व सहकर्मी गौरव विग के कहने पर नितिन मेहता को दी थी। रुपये वापस करने की दी थी गारंटी पूर्व सहकर्मी ने पीड़ित को रकम न डूबने देने की गारंटी भी दी थी। पीड़ित ने बताया कि अब उसका पूर्व सहकर्मी और उसका दोस्त कह रहे हैं कि उन्होंने यह रकम किसी हिमांशु शर्मा को दे दी थी। हिमांशु शर्मा रुपये लेकर फरार हो गया है। उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। पीड़ित ने बताया बताया कि आरोपियों के पास हिमांशु शर्मा को रुपये देने का कोई सबूत नहीं है, जबकि उसके पास उन्हें रुपये देने का सबूत है। उन्होंने बताया कि वहअपने रुपये वापस लेने के लिए दो वर्ष से थानों के चक्कर लगा रही हैं, अभी तक उन्हें रुपये वापस नहीं मिले हैं। आरोपी हर बार अपनी गलती होने से मना कर हिमांशु शर्मा पर आरोप लगा देते हैं।