DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अदालत की अवमानना पर आईएएस अधिकारी समेत चार पर 2.40 लाख का जुर्माना

सिविल जज(जूनियर डिविजन) संदीप कुमार की अदालत ने गुरुवार को अदालत की अवमानना के मामले में दोषी करार नगर निगम की तत्कालीन संयुक्तायुक्त एवं आईएएस सुनीता वर्मा और तीन अन्य अधिकारियों पर दो लाख 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी अधिकारियों को सत्र न्यायालय में अपील करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। सभी अधिकारियों को कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने का दोषी पाया है। नगर निगम की पूर्व संयुक्तायुक्त आईएएस सुनीता वर्मा पर 60 हजार रुपये, नगर निगम के एक्सईएन वीरेंद्र कर्दम पर 50 हजार रुपये, एसडीओ ओपी मोर पर 50 हजार रुपये और जूनियर इंजीनियर रणवीर सिंह पर 40 हजार रुपये का जुर्माना देने का फैसला सुनाया है। अदालत में अवमानना का मामला दायर करने वाले फतेहपुर चंदीला गांव निवासी नेपाल शर्मा, दयाराम, अजयपाल नागर, पवन और नीरपाल के वकील पीआर सिक्का और एमपी नागर ने बताया कि अधिकारियों ने अदालत में माफी मांग ली थी। जिस कारण उन्हें कारावास की सजा नहीं सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि उनके मुवक्किलों को ग्राम पंचायत ने तहबजारी लेकर दुकान लगाने की इजाजत दी थी। उस वक्त उनके मुवक्किलों के नाम पर रजिस्ट्री नहीं थी। मगर, अब सरकारी की आई नई नीति के तहत दुकानों की रजिस्ट्री होगी। उन्होंने बताया कि उस वक्त अदालत ने तोड़फोड़ करने पर स्टे(स्थगन आदेश) लगा दिया था। फिर भी तोड़फोड़ कर दी गई थी। नगर निगम की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता एनके गर्ग ने बताया कि अधिकारियों को कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने का दोषी पाया गया है। अदालत ने एक माह का समय दिया है। वे सत्र न्यायालय में इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। अदालत ने तोड़फोड़ करना गलत नहीं बताया है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने का दोषी पाया है। जुर्माने की राशि तोड़फोड़ के खिलाफ अदालत में मामला दायर करने वाले दुकानदारों को मिलेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Fines of Rs 2 40 lakh including IAS officer on contempt of court