
तीन खबरें : कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ड्रा बुधवार 12 नवंबर को
पलवल में आरकेवीआई योजना के तहत कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए दूसरा ऑनलाइन ड्रा 12 नवंबर को होगा। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के अनुसार, 727 किसानों ने आवेदन किया था, जिनमें से पहले ड्रा में 265 किसानों का चयन हुआ। अब 132 किसानों का चयन किया जाएगा, जिन्हें 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।
पलवल। आरकेवीआई योजना के घटक फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए बुधवार 12 नवंबर को दोपहर 11 बजे दूसरे ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से किसानों का चयन किया जाएगा। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के घटक फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए 20 अगस्त तक विभागीय पोर्टल https://agriharyana.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, जिसमें जिला के 727 किसानों ने आवेदन किया था। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल के उपनिदेशक डा. बाबूलाल ने बताया कि 5 सितंबर को पहला ड्रा किया गया था, जिसमें से 265 किसानों का चयन किया गया, लेकिन अब सरकार की हिदायतों के अनुसार बचे हुए शेष 462 आवेदित किसानों में से निर्धारित लक्ष्य 132 किसानों का चयन के लिए दूसरा ऑनलाइन ड्रा जिला स्तरीय कार्यकारिणी कमेटी की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त जयदीप कुमार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय पलवल के द्वितीय तल पर स्थित सभागार में निकाला जाएगा और चयनित किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

------- लोक अदालत का आयोजन पलवल। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के सचिव हरीश गोयल ने पलवल के जिला जेल में लोक अदालत का आयोजन किया। सीजेएम हरीश गोयल ने लोक अदालत में एक मामले की सुनवाई की। सीजेएम ने इस मौके पर जेल अधिकारियों, कर्मचारियों व जेल के अंदर कैदियों को कानूनी जानकारी दी। उन्होंने विधिक सहायता के बारे में भी बताया। इस अवसर पर प्राधिकरण के बचाव पक्ष अधिवक्ता संदीप गुप्ता, प्राधिकरण सहायक रविंदर, लिपिक गगनदीप और सहायक अधीक्षक जेल दिनेश कुमार भी जेल के अंदर मौजूद रहे। ------- शिविरों में कानूनों के प्रति जागरूक किया गया पलवल। डीएलएसए और रेडक्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विधिक सहायता अधिवक्ता कोनिका शर्मा ने उपस्थित लोगों को नालसा- मानसिक रोग और बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना- 2024 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिवक्ता कोनिका शर्मा ने बताया कि नालसा का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर, दिव्यांग एवं मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई इस नई योजना का उद्देश्य मानसिक रोगियों और बौद्धिक विकलांग व्यक्तियों को न्याय और अधिकारों तक पहुंच दिलाना है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों को कानूनी सलाह, न्यायालय में प्रतिनिधित्व, सामाजिक अधिकारों की जानकारी तथा आवश्यकता पड़ने पर घर या संस्थान स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा बाल गृह सीसीआई गांव बघोला में भी मंगलवार को विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आश्रम की संचालिका, बालगृह के बच्चे एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर अधिवक्ता कोमल राजपूत व पैरालीगल वालंटियर आशा ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं गांव सदरपुर में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा निशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में जागरूक करना रहा। शिविर में लगभग 25 ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शिविर में संसाधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित एडवोकेट गीता रानी ने प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। ---- समाप्त

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