शहरवासियों को खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का इंतजार

हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की कमी के कारण लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नमूने जांच के लिए अन्य जिलों में भेजे जा रहे हैं, जिससे रिपोर्ट आने में कई सप्ताह लग जाते हैं। स्थानीय प्रयोगशाला की स्थापना से जांच प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

शहरवासियों को खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का इंतजार

फरीदाबाद, धनंजय चौहान। औद्योगिक में सालों बाद लोगों को अत्याधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में लंबा समय लग रहा है।ऐसे में लोग मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने को मजबूर है। शहर में कई सालों से प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना हैं, लेकिन अभी तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। इससे मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों पर प्रभावी निगरानी रखने में भी कठिनाई आ रही है। खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के लिए अभी स्थानीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रदेश की अन्य मान्यता प्राप्त लैब में भेजा जाता है। इससे रिपोर्ट आने में कई सप्ताह का समय लग जाता है। जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की सुविधा भी नहीं है। स्थानीय लैब बनने से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो सकेगी。

खाद्य सुरक्षा विभाग की चुनौतियाँ

खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दूध, मिठाई, मसाले, तेल, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेजता है। वर्तमान में इन नमूनों को जांच के लिए प्रदेश की अन्य प्रयोगशालाओं में भेजना पड़ता है। नमूनों की संख्या अधिक होने और जांच प्रक्रिया में समय लगने के कारण रिपोर्ट आने में कई कई महीने लग जाते है। रिपोर्ट में देरी होने से कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फरीदाबाद जैसे बड़े शहर में स्थानीय स्तर पर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित होने से जांच प्रक्रिया तेज होगी। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और मिलावट करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी।

मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की आवश्यकता

शहर में अभी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए पिछले साल टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि अन्य जिलों में मोबाइल प्रयोगशालाओं के माध्यम से बाजारों, स्कूलों, मेलों और सार्वजनिक स्थानों पर मौके पर ही प्राथमिक जांच की जा रही है, लेकिन फरीदाबाद के लोगों को ऐसी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मोबाइल लैब शुरू होने से लोगों में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की तत्काल जांच संभव होगी। त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट की शिकायतें भी अधिक सामने आती हैं। स्थानीय प्रयोगशाला और मोबाइल जांच सुविधा उपलब्ध होने से विभाग की निगरानी क्षमता मजबूत होगी और उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा।---

जांच सुविधाओं को मजबूत बनाने के प्रयास

जिले में जांच सुविधाओं को मजबूत बनाने के प्रयास जारी हैं। इस पर मंगलवार को चंडीगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है। प्रस्ताव तैयार कर जल्द सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही स्थापित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। -पृथ्वी सिंह, खाद्य सुरक्षा नोडल अधिकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदाबाद में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की कमी के कारण क्या समस्याएं हो रही हैं?
फरीदाबाद में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की कमी के कारण लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने को मजबूर होना पड़ रहा है और नमूनों की जांच में लंबा समय लग रहा है।
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