शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे बदलने की तैयारी

हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद, धनंजय चौहान। शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों

शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे बदलने की तैयारी

फरीदाबाद, धनंजय चौहान। शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को बदलने की योजना तैयार की गई है।फिलहाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है।सरकार की तरफ मंजूरी के बाद योजना पर काम शुरू किया जाएगा।

शहर में कैमरे

शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब पांच साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों का उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना, अपराधों पर नजर रखना और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना था। शुरुआती वर्षों में इन कैमरों की मदद से कई अपराधों का खुलासा हुआ और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी निगरानी रखी गई। लेकिन समय बीतने के साथ बड़ी संख्या में कैमरों में तकनीकी समस्याएं आने लगीं। सूत्रों के अनुसार करीब 40 प्रतिशत कैमरे या तो पूरी तरह बंद हो चुके हैं या उनमें रिकॉर्डिंग और लाइव मॉनिटरिंग की समस्या आ रही है। वहीं कई स्थानों पर कैमरों की तस्वीर धुंधली हो चुकी है, जबकि कुछ कैमरे रात के समय सही फुटेज नहीं दे पा रहे हैं। इसके कारण पुलिस और ट्रैफिक विभाग को कई मामलों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इन स्थानों पर लगे कैमरे

शहर के दिल्ली-आगरा हाईवे सहित बाटा चौक, नीलम चौक, बीके चौक, सेक्टर-12, ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी और बल्लभगढ़ समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में लगे कैमरे सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। सड़क दुर्घटनाओं, चोरी, झपटमारी, वाहन चोरी और अन्य आपराधिक मामलों की जांच में इन कैमरों की फुटेज का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन खराब कैमरों के कारण कई संवेदनशील स्थानों पर निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ गई है।

नई तकनीक का उपयोग

स्मार्ट सिटी अधिकारियों का कहना है कि पुराने सिस्टम को अब नई तकनीक से अपग्रेड करने की जरूरत है। प्रस्तावित योजना में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, बेहतर नाइट विजन सिस्टम, एआई आधारित कैमरे, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन, फेस रिकग्निशन और आधुनिक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल किए गए हैं। इससे पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और ट्रैफिक प्रबंधन में मदद मिलेगी।

कमांड एंड कंट्रोल रूम का स्थानांतरण

नगर निगम मुख्यालय में शिफ्ट किया जाएगा कमांड एंड कंट्रोल रूम

सेक्टर-20ए स्थित स्मार्ट सिटी भवन में चल रहा कमांड एंड कंट्रोल रूम दो से तीन महीने में नगर निगम मुख्यालय में बन रहे स्मार्ट सिटी के नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही सेंटर के सर्वर और सॉफ्टवेयर सिस्टम को भी अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ एफएमडीए द्वारा शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में प्रस्तावित 1050 सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य भी शुरू किया जाएगा। वर्तमान में कई कैमरों की फुटेज स्टोरेज और डेटा ट्रांसमिशन में भी दिक्कतें आ रही हैं। नए सिस्टम के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग और तेज डेटा प्रोसेसिंग संभव हो सकेगी।

अधिकारियों के मुताबिक सरकार से मंजूरी मिलने के बाद सबसे पहले उन क्षेत्रों में कैमरे बदले जाएंगे जहां कैमरे पूरी तरह बंद पड़े हैं या अपराध और ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में पुराने कैमरों को हटाकर नए कैमरे लगाए जाएंगे।

आधुनिक सिस्टम का महत्व

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक कैमरा सिस्टम शहर की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अपराधियों की पहचान करने, संदिग्ध वाहनों पर नजर रखने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

सरकारी वर्जन

सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर गहन मंथन किया जा रहा है। मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक हो सकेगी। -संजय जून, सीईओ, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदाबाद में सीसीटीवी कैमरे कब लगाए गए थे?
शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब पांच साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
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