
शहर में जलभराव से लोगों को मिलेगी निजात
फरीदाबाद में सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत के लिए सिंचाई विभाग ने जल निकासी और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना बनाई है। इसमें नए पुलों, ड्रेनों और नालों का डिजाइन तैयार किया जाएगा। इससे पानी की निकासी सुचारू होगी और बारिश के समय जलभराव की समस्या कम होगी।
फरीदाबाद। शहर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। सिंचाई विभाग की ओर से बेहतर जल निकासी और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी की गई है। इसके तहत विभिन्न ड्रेनों और नालों पर पुल आदि संरचनाओं को नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा, जिससे बरसात में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अरावली की पहाड़ियों से निकल कर यमुना तक जा रहे बुढ़िया नाले से जुड़े अधिकांश नालों में जल निकासी की क्षमता अभी काफी कम है। इन नालों में कई स्थानों पर सिल्ट जमा है, कचरा फंसने और जर्जर अवस्था में होने के कारण पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है।
बरसात के दौरान आसपास के गांवों और खेतों में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने बुढिया नाला ड्रेन, गौंची मेन ड्रेन, पृथला लिंक ड्रेन, हसनपुर खेड़ा लिंक ड्रेन, सेहतपुर ड्रेन सहित कई प्रमुख स्थानों पर नए सिरे से तकनीकी डिजाइन तैयार किए जाएंगे। इन डिजाइनों के आधार पर भविष्य में निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिससे ड्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सकेगी। ट्रैश रैक में नालों में कचरा रोकने में मिलेगी मदद योजना के तहत पुलों और फुट ब्रिज का डिजाइन, इनलेट-कम-हेड रेगुलेटर, ट्रैश रैक, एल-सेक्शन और ड्रेनों के संशोधित क्रॉस सेक्शन की डिजाइन शामिल है। इससे न सिर्फ जल प्रवाह नियंत्रित होगा, बल्कि गाद और कचरे की समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैश रैक जैसी संरचनाएं ड्रेनों में कचरा जाने से रोकने में मददगार साबित होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन और पंपिंग व्यवस्था की जाएगी मजबूत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन और पंपिंग व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इससे गांवों में प्रस्तावित ट्यूबवेल, पाइपलाइन और उनसे संबंधित नक्शों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने में काफी मदद मिलेगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बारिश पर अधिक निर्भर नहीं रहना पडेगा। फसलों की पैदावार बढ़ने की संभावना है। इन सभी कार्यों से क्षेत्र में जल प्रबंधन की स्थिति में सुधार होगा। बरसात के समय सड़कों और खेतों में जलभराव की समस्या कम होगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। बुढिया नाले से जुड़े नाले को तकनीकी रूप से मजबूत और आधुनिक डिजाइन तैयार करना जरूरी है, जिससे भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए। सभी प्रस्तावित कार्यों को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और जल प्रवाह को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। -गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग

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