Faridabad News: शहर की सड़कों के गड्ढे भरने की तैयारी तेज
Faridabad News: फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी की सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की समस्या को हल करने के लिए नगर निगम और अन्य एजेंसियों ने सड़कों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को हर पखवाड़े निरीक्षण कराना होगा, ताकि सड़कों की स्थिति का सही आकलन किया जा सके।

Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। स्मार्ट सिटी में सड़कों पर बने गड्ढों और जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई है। नगर निगम, एफएमडीए और एचएसवीपी की तरफ से सड़कों की स्थिति की नियमित जांच होगी और खामियां मिलने पर उन्हें दूर करने किया जाएगा। इसे लेकर अधिकारियों को हर पखवाड़े सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निरीक्षण की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। पहली जांच रिपोर्ट सोमवार को आने की उम्मीद है। पिछले दिनों सेक्टर-12 लघु सचिवालय में 14वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने की थी। इस दौरान उन्होंने सड़कों के रखरखाव को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सड़क रखरखाव के नाम पर केवल औपचारिक निरीक्षण से काम नहीं चलेगा। सड़कों की वास्तविक स्थिति की निगरानी के लिए प्रभावी और जवाबदेह व्यवस्था बनानी होगी। अधिकारियों को मौके पर जाकर खामियों की पहचान करने और उनके समाधान की निगरानी करने को कहा गया है。
हर 15 दिन में होगी जांच
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बैठक में संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक पखवाड़े सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के लिए एक निर्धारित प्रारूप भी तैयार किया गया है। इसमें सड़क की स्थिति, गड्ढों, शोल्डर, फुटपाथ और जलभराव जैसी समस्याओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन सी सड़क किस स्थिति में है और कहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है। निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर संबंधित एजेंसी से कार्रवाई कराई जाएगी। इससे सड़क की समस्या सामने आने और उसके समाधान के बीच का समय कम करने की कोशिश की जा रही है।
डीएलपी वाली सड़कों पर खास नजर
बैठक में डिफेक्ट्स लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) वाली सड़कों को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए। ऐसी सड़कों पर निर्माण या मरम्मत के बाद तय अवधि के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होती है। डीएस ढेसी ने कहा कि डीएलपी वाली सड़कों की नियमित निगरानी की जाए। सड़क पर गड्ढा मिलने, शोल्डर खराब होने, फुटपाथ टूटने या किसी अन्य तरह की कमी सामने आने पर उसे तत्काल दूर कराया जाए। इससे नई बनी या मरम्मत की गई सड़कों की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा सकेगी।
बारिश में जलभराव से निपटने की तैयारी
बारिश के बाद शहर में सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। हार्डवेयर चौक पर अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है और सड़क जगह-जगह टूट गई है। इसी तरह बल्लभगढ़ सोहना रोड की पिछले साल ही करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से एफएमडीए ने विशेष मरम्मत कराई। लेकिन कुछ देर की बारिश में सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। यही हाल बल्लभगढ़-सोहना टोल रोड का है। बारिश के कारण सड़क पर بڑے-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत नंगला चौक ही है। सड़क पर सफर करने वाले वाहन चालक टोल चुकाने के बाद खुद को ठगा महसूस करते हैं। वहीं सड़क पर लाइट नहीं होने के कारण आये दिन रात के समय हादसों का खतरा बना रहता है, जिसे देखते हुए बैठक में संबंधित एजेंसियों को पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक मटेरियल और मशीनरी उपलब्ध रखी जाए। बारिश के दौरान पानी जमा होने की शिकायत मिलने पर मौके पर तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था बनाने को कहा गया है। जलभराव के कारण सड़क खराब होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति को भी कम करने का प्रयास रहेगा।
रिपोर्ट से खुलेगी सड़कों की स्थिति
पखवाड़ेवार निरीक्षण की पहली रिपोर्ट सामने आने के बाद शहर की सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। इसमें यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि किन सड़कों पर तत्काल काम की जरूरत है और किन सड़कों को नियमित निगरानी में रखा जाना है। अंतर-एजेंसी बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सड़क रखरखाव का काम किसी एक विभाग की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है। अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और मौके पर नियमित निगरानी से ही समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निरीक्षण, रिपोर्ट और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही तय हो और लोगों को सड़क संबंधी समस्याओं के कारण लंबे समय तक परेशानी न उठानी पड़े।


