
शहर में फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना नहीं चढ़ी सिरे
फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी के तहत फुटओवर ब्रिज का निर्माण योजना पिछले आठ वर्षों से फाइलों में बंद है। इससे बीके चौक, नीलम चौक जैसे जगहों पर सड़क पार करते समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। छात्राओं और स्थानीय निवासियों को रोजाना सड़क पार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। स्मार्ट सिटी में लोगों के सुरक्षित सफर के लिए बनाई गई सड़कों पर फुटओवर ब्रिज की योजना फाइलों में दब कर रह गई है, जिससे बीके चौक, नीलम चौक, एनआईटी एक नंबर मार्केट आदि चौक पर आये दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। साथ ही ट्रैफिक धीमा रहता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर करीब आठ वर्ष पहले स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से शहर में करीब छह प्रमुख स्थानों पर फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई थी।
कुछ समय बाद योजना को नगर निगम और फिर फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) को सौंप दिया गया। एफएमडीए की ओर से योजना को सिरे चढ़ाने के लिए दोबारा सर्वे कराया गया। लेकिन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब भी फाइलों तक सीमित हैं।वहीं ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इन स्थानों पर हर साल बड़ी संख्या में सड़क पार करते समय दुर्घटनाओं की घटनाएं दर्ज होती हैं। नीलम चौक और बीके चौक जैसे जंक्शन तो शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील पॉइंट माने जाते हैं, जहां सुबह-शाम जाम लगना आम बात है। -- इन स्थानों पर प्रस्तावित हैं एफओबी एफएमडीए की ओर से बीके चौक, नीलम चौक, केएल मेहता रोड, एनआईटी एक नंबर बाजार चौक, हार्डवेयर चौक समेत शहर के अंदरूनी क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों पर फुट ओवरब्रिज बनाने थे। इन स्थानों पर सुबह से लेकर देर रात तक हजारों की संख्या में पैदल यात्री सड़क पार करते हैं। तेज रफ्तार वाहन, ऑटो और बसों की भीड़ के बीच पैदल लोगों को अक्सर जोखिम उठाना पड़ता है। कई बार लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बीच सड़क से निकलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। -- सालों बाद भी योजना धारातल पर नहीं भीड़भाड़ वाली सड़कों पर प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज (एफओबी) की योजना पांच साल बाद भी फाइलों से निकल कर बाहर नहीं आई है, जिससे बीके चौक, एनआईटी एक नंबर और केएल मेहता कॉलेज के सामने छात्रों को जान जोखिम में डाल कर सड़के पार करनी पड़ रही है, जिससे लोग बेहद परेशान है। हालांकि छह प्रमुख स्थानों पर एफओबी बनाने की घोषणा बार-बार होती रही, लेकिन आज तक एक भी फुट ओवरब्रिज जमीन पर नहीं उतरा। जिसके चलते, जाम और सड़क हादसे शहर वासियों की रोजमर्रा की समस्या बन चुके हैं। नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि कुछ साल पहले छह फुट ओवरब्रिजों की डीपीआर तैयार कर ली गई थी। प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था, लेकिन बजट और संबंधित विभागीय प्रक्रियाओं में देरी के चलते काम अटक गया। बाद में योजना को संशोधित कर फिर भेजा गया, मगर भवन निर्माण, डिजाइन और फंडिंग से जुड़ी कई तकनीकी आपत्तियों के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पाया। -- सड़क पार करना छात्राओं के लिए जोखिल भरा सबसे अधिक परेशानी केएल मेहता कॉलेज रोड पर देखी जाती है, जहां प्रतिदिन हजारों छात्राएं सड़क पार करती हैं। क्लास टाइम के पहले और बाद में सड़क पर ऐसा माहौल बन जाता है कि पैदल और वाहन दोनों ही जोखिम में होते हैं। एनआईटी एक नंबर बाजार चौक की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। यहां भी बाजार के दुकानदार, ग्राहक और स्थानीय लोग सड़क पार करने में काफी मुश्किल का सामना करते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन सिर्फ घोषणाएं करता है, लेकिन जमीन पर काम नहीं होता। कई सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर विरोध भी जताया है। उन्होंने कहा कि शहर के इतने महत्वपूर्ण स्थानों पर फुट ओवरब्रिज न होना विकास की कमी को दर्शाता है। -- ट्रैफिक विशेषज्ञों की राय ट्रैफिक पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि फरीदाबाद जैसे शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। यदि फुट ओवरब्रिज बन जाते हैं, तो न सिर्फ जाम और दुर्घटनाओं में कमी होगी बल्कि कुल मिलाकर यातायात व्यवस्था भी काफी सुधर जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि फुट ओवरब्रिज को एलिवेटेड वॉकवे की तरह डिजाइन किया जाए जिसमें एस्केलेटर व एलिवेटर की सुविधा हो, ताकि बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी आसानी हो। --

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