Faridabad News: फरीदाबाद के लिए दोहरी खुशी, तांगे से मेट्रो तक का सफर

हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। 15 अगस्त को फरीदाबाद में स्वतंत्रता दिवस और जिला स्थापना दिवस मनाते हैं। मेट्रो और आधुनिक सड़कों के कारण शहर में बदलाव आया है। 47 वर्षों में, शहर ने औद्योगिक नगरी से स्मार्ट सिटी बनने की यात्रा की है, जिसमें लाखों लोगों को रोजगार मिला है।

Faridabad News: फरीदाबाद के लिए दोहरी खुशी, तांगे से मेट्रो तक का सफर

Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। औद्योगिक नगरी के लिए 15 अगस्त सिर्फ आजादी का पर्व नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और विकास की यात्रा को याद करने का भी दिन है। जिला बनने के बाद बीते 47 वर्षों में शहर ने ऐसा बदलाव देखा है, जिसकी कल्पना कभी यहां के बुजुर्गों ने भी नहीं की थी। कभी तांगे, बैलगाड़ी और साइकिल यहां आवागमन के प्रमुख साधन थे, आज उसी शहर में मेट्रो दौड़ रही है, डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के रूप में सुपरफास्ट सड़क मार्ग मिला है। स्मार्ट सिटी के रूप में आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार दिया जा रहा है। दरअसल 15 अगस्त 1979 को फरीदाबाद को गुरुग्राम से अलग कर स्वतंत्र जिला बनाया गया। जिले गठन से पहले शहर की पहचान औद्योगिक नगरी के रूप में थी। जिले का दर्जा मिलने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हुई और विकास की रफ्तार भी बढ़ी। शहर के विस्तार के साथ नए सेक्टर बसे, कॉलोनियां बसीं, सड़कों का जाल बिछा और बाजारों का स्वरूप बदला। एस्कॉर्ट, लखानी फुटवेयर, क्लच हेमर, जेसीबी, बाटा जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने फरीदाबाद को एशिया के मानचित्र पर शहर को नई पहचान दी। यहां सुई से लेकर एयरक्राफ्ट तक पार्ट्स बनाए जाते हैं।मौजूदा समय में शहर में 28 हजार से अधिक छोटे-बड़े उद्योग हैं, जिनसे करीब आठ लाख लोगों को रोजगार मिलता है।

तांगे से शुरू हुआ सफर

पुराने फरीदाबाद की तस्वीर आज से बिल्कुल अलग थी। बुजुर्गों के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में आने-जाने के लिए तांगे ही प्रमुख साधन हुआ करते थे। रेलवे स्टेशन और बाजार तक पहुंचने के लिए लोग तांगे या साइकिल का सहारा लेते थे। कई इलाकों में पक्की सड़कें भी नहीं थीं। शाम होते ही शहर का बड़ा हिस्सा शांत हो जाता था। समय के साथ बस सेवा, ऑटो और निजी वाहनों का चलन बढ़ा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से संपर्क बेहतर हुआ तो फरीदाबाद की रफ्तार भी बदलने लगी। राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार और प्रमुख सड़कों के विकास ने शहर को नई दिशा दी।

मेट्रो ने बदली रफ्तार

फरीदाबाद के विकास में दिल्ली मेट्रो का विस्तार एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। मेट्रो कनेक्टिविटी ने दिल्ली से आवागमन को आसान बनाया और शहर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी। नौकरी, कारोबार और शिक्षा के लिए दिल्ली आने-जाने वाले हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिला। जिन रास्तों पर कभी तांगे चलते थे, वहां आज आधुनिक परिवहन व्यवस्था दिखाई देती है।

विकास के साथ चुनौतियां भी

विकास की इस लंबी यात्रा के साथ शहर को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। बढ़ती आबादी के कारण यातायात, प्रदूषण, जलभराव, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं। पुराने और नए फरीदाबाद के बीच संतुलित विकास की जरूरत आज भी महसूस की जाती है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और जिला स्थापना दिवस का संयोग फरीदाबाद के लिए दोहरी खुशी लेकर आता है। तांगे से मेट्रो तक पहुंचा यह सफर केवल परिवहन में बदलाव की कहानी नहीं, बल्कि एक छोटे औद्योगिक शहर के आधुनिक महानगरीय क्षेत्र में बदलने की पूरी दास्तान है।

पहले सीमित संसाधनों के बावजूद शहर में था अपनापन

पहले सीमित संसाधनों के बावजूद शहर में अपनापन अधिक था। धीरे-धीरे आबादी बढ़ी और शहर का दायरा भी फैलता गया। पुराने बाजारों और बस्तियों के साथ सेक्टरों और आधुनिक आवासीय क्षेत्रों का विकास हुआ। आज फरीदाबाद में मेट्रो, बेहतर सड़कें, बड़े निजी अस्पताल, शिक्षण संस्थान, शॉपिंग मॉल और आधुनिक आवासीय परियोजनाएं मौजूद हैं। औद्योगिक शहर की पहचान के साथ यह एनसीआर के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में भी शामिल हो चुका है।

शहर की रफ्तार कभी बेहद धीमी हुआ करती थी। उनके बचपन के समय तांगा शहर में आने-जाने का प्रमुख साधन था। बाजार, रेलवे स्टेशन या आसपास के इलाकों तक जाने के लिए लोग तांगे का इस्तेमाल करते थे। कई जगह सड़कें कच्ची थीं और शहर आज की तुलना में काफी छोटा था। आज मेट्रो, चौड़ी सड़कें और आधुनिक सुविधाएं देखकर पुराने फरीदाबाद और वर्तमान शहर के बीच का अंतर साफ नजर आता है।

-रवि भूषण खत्री, उद्यमी

जिला बनने के बाद शहर के विकास में तेजी आती गई। नए सेक्टर बसने लगे, उद्योग बढ़े और रोजगार के अवसर पैदा हुए। पहले जहां लोग सीमित साधनों के साथ जीवन बिताते थे, वहीं आज शहर में दिल्ली तक पहुंचने के लिए मेट्रो जैसी सुविधा उपलब्ध है। यह बदलाव कई पीढ़ियों की मेहनत का परिणाम है।

- केसी लखानी, उद्यमी

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सामान्य प्रश्न

फरीदाबाद का जिला कब बनाया गया था?
फरीदाबाद को 15 अगस्त 1979 को गुरुग्राम से अलग कर स्वतंत्र जिला बनाया गया।
Hindustan | Bureau

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