जवाहर कॉलोनी की पांच गलियों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा
फरीदाबाद के जवाहर कॉलोनी में पिछले एक महीने से लोग दूषित पेयजल की आपूर्ति से परेशान हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गंदे पानी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगी हैं और लोग मजबूरी में टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं।

फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। जवाहर कॉलोनी में दूषित पेयजल आपूर्ति लोग बेहाल है। पांच गलियों में पिछले एक महीने से सीवर युक्त पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे न कपड़े धोए जा सकते हैं और न अन्य कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।इसे लेकर गुरुवार को स्थानीय लोगों ने नगर निगम संयुक्त आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे वह काफी परेशान है। जवाहर कॉलोनी गुरुद्वारा रोड के आसपास करीब 100 परिवार रहते हैं। लोगों ने बताया कि कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति नगर निगम द्वारा की जाती है।लेकिन
पानी आपूर्ति का कोई समय निर्धारित नहीं है, कभी सुबह पांच बजे सप्लाई दी जाती है तो कभी 11 बजे, वह भी एक दिन छोड़कर आता है।पिछले एक महीने से कॉलोनी में बहुत बुरा हाल है। घरों में गंदा बदबूदार पानी आ रहा है। लोगों का आरोप है कि पेयजल की पाइपलाइन कहीं न कहीं सीवर लाइन से मिल गई है। पानी के इस्तेमाल से कॉलोनी में कुछ बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा रोग, पेट दर्द और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यहां हैजा या पीलिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। -- जेब पर भारी पड़ रही प्यास गंदे पानी की समस्या को लेकर लोग कई बार नगर निगम अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं। लेकिन उनकी शिकायतों को अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सरकारी सप्लाई फेल होने के कारण लोग मजबूरी में प्राइवेट टैंकरों से पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्यास बुझाने और दैनिक कार्यों के लिए रोजाना औसतन 50 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए महीने का 1500 से 2000 रुपये का यह अतिरिक्त खर्च बजट बिगाड़ रहा है। स्थानीय महिलाओं ने कहा कि एक तरफ हम नगर निगम को टैक्स देते हैं, वहीं दूसरी तरफ पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं। -- अफसरों की चौखट पर माथा टेक रहे लोग ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है। स्थानीय निवासी अनु देवी, सोनम और दीपाली ने बताया कि पिछले 30 दिनों में कई बार नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता से लेकर कार्यकारी अभियंता तक गुहार लगा चुके हैं। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में लोग नगर निगम कार्यालय पहुंचे और संयुक्त आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपी। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में पाइपलाइन की मरम्मत कर स्वच्छ पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई, तो वे नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। -- टैंकर माफिया की चांदी क्षेत्र में पानी की किल्लत और दूषित सप्लाई ने टैंकर माफियाओं के लिए अवसर पैदा कर दिया है। जैसे ही सुबह सप्लाई का समय होता है और नलों से गंदा पानी आता है, गलियों में प्राइवेट टैंकरों की कतार लग जाती है। स्थानीय लोगों का संदेह है कि कहीं इस समस्या को जानबूझकर तो नहीं लटकाया जा रहा ताकि टैंकरों का कारोबार फलता-फूलता रहे। इस बारे में नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमवीर सिंह ने बताया कि पुरानी पाइपलाइन होने के कारण लीकेज की समस्या आ रही है, जिसे ठीक करने के लिए टीम भेजी जाएगी। दो से तीन दिन में समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। फोटो के साथ लेना है::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: -- पिछले एक महीने से नरक जैसे हालात हैं। सुबह नल खोलो तो उसमें से गंदा बदबूदार पानी आता है। इसे लेकर हमने कई बार निगम में लिखित शिकायत दी, लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। -हेमलता, गृहिणी: -- घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। पीने के लिए तो छोड़िए, कपड़े धोने और नहाने के लायक भी पानी नहीं आ रहा। मजबूरी में रोजाना 50 से 100 रुपये का पानी टैंकर वाले से खरीदना पड़ रहा है। बच्चों की सेहत की चिंता अलग से सताती रहती है। -भगवति जोशी, स्थानीय निवासी -- मेरी उम्र करीब 70 साल हो गई है, लेकिन निगम की ऐसी लापरवाही पहले कभी नहीं देखी। हमने संयुक्त आयुक्त को भी अपनी व्यथा सुनाई है। अगर सीवर और पीने के पानी की पाइपलाइन आपस में मिल गई है, तो उसे ठीक करने में एक महीना क्यों लग रहा है। -एसडी त्यागी-प्रदेश अध्यक्ष, हिंदू मजदूर सभा -- नगर निगम सिर्फ टैक्स लेना जानता है, सुविधा के नाम पर जीरो है। पूरी गली के लोग परेशान हैं। टैंकर माफिया चांदी काट रहे हैं और हम जैसे लोग अपनी मेहनत की कमाई पानी खरीदने में लुटा रहे हैं। यदि दो दिन में समाधान नहीं हुआ, तो हम सभी मोहल्ले वाले मिलकर सड़क जाम करेंगे।- पूजा, स्थानीय निवासी
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