Faridabad News: बारिश के बीच जर्जर और अवैध इमारतों का सर्वे शुरू
Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। स्मार्ट सिटी में बारिश के बीच जर्जर और अवैध इमारतों का

Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। स्मार्ट सिटी में बारिश के बीच जर्जर और अवैध इमारतों का नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है, जिससे दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में हाल ही में भारी बारिश के दौरान निर्माणाधीन इमारत जैसी घटनाओं को होने से रोका जा सके। निगम ने सर्वे के लिए तीन टीमें गठित की गई। इनमें वरिष्ठ आर्किटेक्ट, डीटीपी और एसटीपी स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। सभी टीमों को एक माह के भीतर सर्वे पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी。
बारिश का असर
शहर में मानसून आने के साथ ही बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले तीन-चार दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। हालांकि शुक्रवार को बारिश नहीं हुई। लेकिन दिनभर आसमान में बादल छाये रहते हैं। वहीं मौसम विभाग की ओर से मंगलवार से फिर बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में जर्जर इमारतों के ढहने का खतरा बढ़ गया है। इनमें ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सेक्टर-8 ईएसआई अस्पताल, नीलम चौक स्थित एक बड़ी बैंक का पुराना भवन सहित अनेक सरकारी और गैर सरकारी इमारतें शामिल हैं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम में कमजोर इमारतों में दरारें बढ़ने, दीवार गिरने और जलभराव के कारण नींव प्रभावित होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में सर्वे के दौरान भवनों की संरचनात्मक स्थिति के साथ सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। जिन भवनों में आपातकालीन निकास, फायर सेफ्टी या अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, उन्हें चिन्हित किया जाएगा।
रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां
शहर के एनआईटी एक, तीन, पांच, सेक्टर-2, 3, 7, 8 समेत विभिन्न सेक्टरों में रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें लगातार निगम को मिल रही हैं। एनआईटी क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शों के बने कई बहुमंजिला भवन भी जांच के दायरे में रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे भवनों का रिकॉर्ड तैयार कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बल्लभगढ़ में संचालित कोचिंग सेंटरों की भी जांच होगी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार कई कोचिंग सेंटर ऐसे भवनों में चल रहे हैं, जहां एक ही प्रवेश-निकास मार्ग है और आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं है। कई भवनों में पार्किंग की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में यह बड़ी परेशानी बन सकती है।
जांच का ये होगा मापदंड
सर्वे के दौरान भवन का स्वीकृत नक्शा, निर्माण की वर्तमान स्थिति और उपयोग की जांच की जाएगी। फायर सेफ्टी व्यवस्था, आपातकालीन निकास, पार्किंग, भवन की मजबूती और सुरक्षा मानकों का आकलन होगा। यह भी देखा जाएगा कि रिहायशी भवनों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां तो नहीं चल रहीं। जर्जर, अवैध या नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों की अलग सूची तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निगम अधिकारियों ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई करेगा। जिन इमारतों में गंभीर संरचनात्मक खामियां या जर्जर स्थिति मिलेगी, उन्हें नोटिस जारी कर मरम्मत या भवन खाली कराने के निर्देश दिए जा सकते हैं। बिना स्वीकृत नक्शे, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी या अवैध व्यावसायिक गतिविधियां मिलने पर चालान, सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। भवन मालिकों को निर्धारित समय में कमियां दूर करने का अवसर दिया जाएगा। अनुपालन नहीं होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अवैध निर्माणों पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ पहले भी लगातार अभियान चलाए जाते रहे हैं। डीटीपी इंफोर्समेंट और नगर निगम ने हाल के महीनों में सीकरी, खेड़ी खुर्द, एनआईटी समेत कई क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों, बैंक्वेट हॉल, दुकानों और अन्य निर्माणों पर बुलडोजर चलाया है। अधिकारियों का कहना है कि अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ऐसे भवनों की भी पहचान होगी, जहां सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या अवैध निर्माण पाया जाएगा।
वर्जन
मानसून को देखते हुए भवन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सर्वे के बाद जिन इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अवैध निर्माण या अन्य गंभीर कमियां मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि बारिश के मौसम में किसी भी तरह की दुर्घटना से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।- धीरेंद्र खड़गटा, नगर निगम आयुक्त
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तीन दिन की बारिश के बाद धूप निकली
पिछले दिनों हुई बारिश के बाद शुक्रवार को सुबह से खिली धूप ने लोगों को उमस का एहसास कराया। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण दिनभर चिपचिपी गर्मी बनी रही। लोग शरीर से लगातार पसीना निकलने से परेशान रहे। जिले में आर्द्रता 73 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसके चलते दोपहर बाद एक बार फिर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में कम रहा। हालांकि धूप निकलने के बाद नमी बढ़ने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। उमस की वजह से लोगों के लगातार पसीने निकल रहे थे। लोग पोंछकर परेशान हो चुके थे। सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा, लेकिन दोपहर में तेज धूप और अधिक नमी के कारण बाहर निकलने वाले लोगों को परेशानी हुई।
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बारिश से प्रदूषण स्तर में आई गिरावट
बारिश का सबसे सकारात्मक असर जिले की वायु गुणवत्ता पर देखने को मिला। लगातार हुई वर्षा के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण नीचे बैठ गए, जिससे हवा पहले की तुलना में अधिक साफ हो गई। शुक्रवार सुबह सात बजे जिले का वायु गुणवत्ता सूचिांक (एक्यूआई) 100 दर्ज किया गया, जो पिछले कुछ दिनों की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है। इससे सुबह टहलने और खुले वातावरण में गतिविधियां करने वाले लोगों को स्वच्छ हवा मिली। आर्द्रता को देखते हुए बारिश की संभावना जताई जा रही थी। दिन में कई बार काले घने बादल भी छाए, लेकिन बिना बरसे की गुजर गए। मौसम विभाग ने मंगलवार तक मौसम साफ रहने की संभावना व्यक्त की है। इसके बाद बुधवार से फिर तीन दिन के लिए बारिश की घोषणा की है।
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