सदन की बैठक न होने से कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए जमीन अड़चन बनी

सदन की बैठक न होने से कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए जमीन अड़चन बनी

संक्षेप:

फरीदाबाद नगर निगम की बैठक चार महीने से नहीं हो रही है, जिससे सोतई गांव में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए ज़मीन की मंजूरी नहीं मिल रही। इस मुद्दे के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विषय भी विचाराधीन हैं। बैठक...

Aug 24, 2025 11:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद। चार माह से ज्यादा का वक्त बीतने पर भी नगर निगम सदन की बैठक नहीं हो सकी है। इससे शहर में कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाने के लिए सोतई गांव की 12 एकड़ जमीन की मंजूरी नहीं मिल पा रही है। प्लांट के साथ-साथ करीब 10 से ज्यादा ऐसे महत्वपूर्ण मामले हैं, जिनके लिए सदन की बैठक जरूरी है गुरुग्राम नगर निगम प्रशासन फरीदाबाद के कूड़े को बंधवाड़ी कूड़ा निस्तारण प्लांट में डालने से रोकने के लिए पत्र जारी कर चुका है, लेकिन यहां पर कूड़ा निस्तारण के लिए व्यवस्था न होने के कारण बड़ी मात्रा में यहां का कूड़ा बंधवाड़ी जा रहा है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम प्रशासन ने सोतई गांव में निगम की 12 एकड़ जमीन में कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए सदन में प्रस्ताव पेश होना जरूरी है, लेकिन सदन की बैठक न होने के कारण इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पा रही है। सदन की बैठक में कूड़ा निस्तारण प्लांट के अलावा शहर के सभी प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण कर हरियाली बढ़ाने, स्ट्रीट वेडिंग योजना को लागू करने, मवई गांव में तीन एकड़ जमीन को गौशाला को देकर बड़ी गौशाला बनाने का प्रस्ताव रखने, पल्ला में 50 बेड के अस्पताल के सामने रास्ते को चौड़ा करने, वार्ड-चार में डिस्पेंसरी का निर्माण, एसजीएम नगर में डिस्पोजल, वार्ड-28 में 20 अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने, प्रतापगढ़ में चल रहे कूड़ा निस्तारण प्लांट को हटवाने के लिए सदन में प्रस्ताव रखा जाना है। इसके अलावा न्यू जनता कॉलोनी में प्लॉट की की रजिस्ट्री करवाने, निगम सफाई कर्मियों को 300 ई-रिक्शा उपलब्ध करवाने, वार्ड -34 में सीसीटीवी कैमरे लगवाने, एसजीएम नगर में डिस्पोजल बनाने और प्रॉपर्टी आईडी बनाने के साथ लगने वाले विकास शुल्क की दर को तर्कसंगत बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होनी है। उधर, लावारिस गौवंश, लावारिस कुत्ते, बंदरों को पकड़ने, सीवर, सफाई और पेयजल के मुद्दे भी रखे जाने हैं, लेकिन सदन की बैठक की तारीख तय न होने के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। निगम प्रशासन के सामने सबसे बड़ी समस्या कूड़ा निस्तारण की बनी हुई है। सदन से सोतई गांव की 12 एकड़ जमीन पर कूड़ा निस्ताण प्लांट के लिए मंजूरी मिले तो निगम प्रशासन अपनी योजना को अमली जामा पहना सकेगा। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर पर मंत्रियों और विधायकों के बीच सर्वसम्मति न बन पाने के कारण अभी सदन की बैठक की तारीख तय नहीं हो पा रही है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अभी इस मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है। सदन की बैठक न होने की वजह से न तो वित्त एवं संविदा कमेटी का गठन हो पा रहा है न ही तीन मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी हो पा रही है। बता दें कि 10 अप्रैल को नगर निगम सदन की बैठक हुई थी। इसमें बजट को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद से बैठक नहीं हो सकी है। वहीं 11 अगस्त को भी सदन की बैठक रखी गई थी, लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव न हो पाने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई थी। तब से अब तक सदन की बैठक का इंतजार है, ताकि शहर के मुददों पर चर्चा हो सके। छह सितंबर को घर-घर से कूड़ा उठाने की निविदाएं खोली जाएंगी घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए टेंडर की निविदाएं अब छह सितंबर को खोली जाएंगी। पहले ये निविदाएं 21 अगस्त को खोली जानी थीं। मुख्यालय स्तर पर ये प्रक्रिया पूरी होनी है। स्थानीय शहरी निकाय मुख्यालय ने ही टेंडर का प्रारूप तय किया था। निगम प्रशासन ने बीते माह 30 जुलाई को 384 करोड़ रुपये के तीन टेंडर लगाए गए थे। निगम सूत्रों का कहना है कि अगले माह 15 सितंबर तक घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद शहर को काफी हद तक गंदगी से निजात मिलने की उम्मीद है।