ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए पहुंचे लोग सर्वर ठप होने से परेशान रहे
फरीदाबाद में सोमवार को जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए आए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सर्वर बार-बार बंद होने से लोग चार से पांच घंटे इंतजार करने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं करवा सके। लोगों ने व्यवस्था में सुधार की मांग की और अधिकारियों को इस समस्या का समाधान करने के लिए कहा।
फरीदाबाद,। तहसीलों में जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए सोमवार को पहुंचे लोगों को भारी परेशानी हुई। सर्वर बार-बार बंद होने से रजिस्ट्री का काम ठप रहा। कई लोग चार से पांच घंटे इंतजार करने के बाद रजिस्ट्री नहीं करवा सके। दरअसल, तहसीलों में सोमवार का दिन आम लोगों के लिए परेशानी भरा रहा। जमीन की रजिस्ट्री के लिए पहुंचे लोग सुबह से लाइन में इंतजार में बैठे रहे, लेकिन सर्वर बार-बार डाउन होने से काम आगे नहीं बढ़ पाया। सर्वर चालू होते ही कुछ मिनट काम चलता और फिर बंद हो जाता, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित रही। रजिस्ट्री कराने आए लोगों को कर्मचारियों और वकीलों से बार-बार एक ही जवाब मिला कि सर्वर डाउन है और इसे केवल चंडीगढ़ स्तर पर ही ठीक किया जा सकता है।
लोगों ने व्यवस्था सुधारने के लिए मांग उठाई : ग्रेटर फरीदाबाद से आए रमाकांत और पिंकी ने बताया कि वे दोपहर 12 बजे पहुंचे थे, लेकिन शाम तक भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो सकी। फोटो के लिए ही तीन घंटे इंतजार करना पड़ा और अंतिम दस्तावेज मिलने की उम्मीद में पूरी शाम गुजर गई। ऐसी ही स्थिति कई अन्य लोगों की भी रही, जिनमें से कुछ को टोकन लेने के बाद भी वापस लौटना पड़ा। अब उन्हें रजिस्ट्री के लिए दोबारा टोकन लेना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाना चाहिए। बहरहाल, भीड़ बढ़ने के कारण तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखा और लोग नाराज़गी व्यक्त करते नज़र आए। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने कार्यालय से छुट्टी लेकर रजिस्ट्री के लिए दिन निकाला था, लेकिन पूरा समय बेहूदा इंतजार में बीत गया। वैकल्पिक व्यवस्था हो वकील दिलीप और महावीर ने कहा कि जब तक ऑनलाइन प्रणाली द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु से नहीं होती, तब तक पुरानी व्यवस्था को ही विकल्प के रूप में चलाना चाहिए, इससे जनता को राहत मिल सकेगी। तहसील कर्मचारियों ने बताया कि नई प्रणाली में समस्या उच्च स्तर पर है और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। यह है नई व्यवस्था सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड होते हैं, जांच के बाद स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क ऑनलाइन जमा किया जाता है। ऑनलाइन टोकन के आधार पर रजिस्ट्री होती है और तहसील में फोटो के बाद दिया गया प्रिंट आधिकारिक दस्तावेज माना जाता है।

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