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Faridabad News: फरीदाबाद, धनंजय चौहान। यमुना के बाढ़ क्षेत्र में भूजल स्तर सुधारने के लिए गांव चांदपुर में 15.29 एकड़ भूमि पर बनाए जा रहे जलाशय का गुरुवार को एफएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने निरीक्षण किया। साथ ही पांच रैनी वेल और मुख्य बूस्टिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। शहर में बारिश के दौरान हर साल यमुना में आने वाली बाढ़ के पानी का संरक्षित करने की कोई व्यवस्था नहीं है। दूसरी तरफ रेनीवेल सूख रहे हैं जिसे देखते हुए एफएमडीए ने बाढ़ के पानी काे जलाशय के माध्यम से संरक्षित करने की तैयारी की है जिसका निर्माण कार्य जारी है。
जलाशय में मानसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त बाढ़ और वर्षा जल को संग्रहित किया जाएगा। इसके लिए करीब तीन लाख घन मीटर अतिरिक्त मिट्टी की खुदाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जलाशय के हर बार पूरी तरह भरने पर करीब 30 से 40 करोड़ लीटर पानी भूजल में रिचार्ज होने की उम्मीद है। इससे बाढ़ क्षेत्र के एक्विफर को मजबूत करने और शहर की पेयजल व्यवस्था को सहारा मिलने की संभावना है।
एफएमडीए के मुताबिक, राज्य में बड़े स्तर पर इस तरह की परियोजना पहली बार लागू की जा रही है। जल संरक्षण के साथ जलाशय के आसपास वॉकवे और मनोरंजक सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है।
पांचों रैनी वेल की क्षमता 10-10 एमएलडी होगी। इससे 50 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध होगा। करीब 96.50 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम 17 मार्च 2024 को शुरू हुआ था और इसे 15 जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे ग्रीन फील्ड, चार्मवुड, एनआईटी, सेक्टर-21सी, 45 और 46 समेत कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। बादशाह और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्रों के टेल-एंड इलाकों में रहने वाली करीब दो से तीन लाख आबादी को गर्मियों में पानी की किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद है। सीईओ ने नियमित निगरानी और गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर बाहरी एजेंसी से भी निर्माण कार्य की जांच कराने को कहा गया।
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