नए भवनों में ईवी चार्जर लगाना अनिवार्य

Newswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य किया जाएगा। नए नियमों के तहत मॉल, होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ऑफिस और रिहायशी परिसरों में चार्जिंग स्टेशन बनाना जरूरी होगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

नए भवनों में ईवी चार्जर लगाना अनिवार्य

फरीदाबाद, धनंजय चौहान। स्मार्ट सिटी में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी सुविधाओं का ढांचा जल्द बदलेगा। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने नई इमारतों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित नियम लागू करने से पहले जिला नगर योजनाकार (एचएसवीपी) की ओर से लोगों को नोटिस जारी कर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं, जिसके बाद शहर में बनने वाले मॉल, होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ऑफिस, अस्पताल और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में चार्जिंग स्टेशन विकसित करना जरूरी होगा। शहर में 20 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें करीब 14 हजार निजी वाहन, जैसे इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया, जबकि लगभग छह हजार व्यावसायिक वाहन, जिनमें ई-रिक्शा और अन्य तिपहिया शामिल हैं। इसके बावजूद शहर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बेहद कम है, अधिकांश चार्जिंग प्वाइंट निजी परिसरों तक सिमटे हैं, जिससे वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि

वहीं, बीते कुछ वर्षों के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। खासकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण लोग ईवी वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार का मानना है कि यदि भवन निर्माण के शुरुआती चरण में ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया जाए तो भविष्य में ईवी उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इसी उद्देश्य से नए नियम तैयार किए जा रहे हैं।

गैर-रिहायशी भवनों में 10 कार पार्किंग की व्यवस्था

प्रस्तावित नियमों के अनुसार जिन गैर-रिहायशी भवनों में कम से कम 10 कार पार्किंग की व्यवस्था होगी, वहां हर तीन पार्किंग स्लॉट पर एक ईवी चार्जिंग प्वाइंट बनाना अनिवार्य होगा। यह नियम मॉल, होटल, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कार्यालय, आईटी पार्क और अन्य व्यावसायिक इमारतों पर लागू होगा। वहीं रिहायशी परिसरों में भी चार्जिंग व्यवस्था को अनिवार्य किया जाएगा। ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, सहकारी आवास समितियों और आरडब्ल्यूए द्वारा संचालित आवासीय परिसरों में जहां 10 या उससे अधिक कार पार्किंग की सुविधा होगी, वहां हर पांच कारों पर एक चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध कराना होगा। इससे सोसायटियों में रहने वाले लोगों को घर के भीतर ही चार्जिंग सुविधा मिल सकेगी।

डेवलपर्स और बिल्डरों को राहत

सरकार ने डेवलपर्स और बिल्डरों को राहत देने के लिए ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) की गणना से बाहर रखने का प्रस्ताव भी रखा है। यानी यदि कोई बिल्डर पार्किंग क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन विकसित करता है तो उसका क्षेत्र निर्माण सीमा में नहीं जोड़ा जाएगा। इससे अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र की बाधा नहीं आएगी और बिल्डर आसानी से चार्जिंग सुविधाएं विकसित कर सकेंगे।

बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर में भी चार्जिंग स्टेशन लगा सकेंगे

नए नियमों के तहत बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर में भी चार्जिंग स्टेशन लगाने की अनुमति दी जाएगी। फरीदाबाद की अधिकांश हाईराइज सोसायटियों और व्यावसायिक भवनों में बेसमेंट पार्किंग होने के कारण यह प्रावधान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पार्किंग क्षेत्र का बेहतर उपयोग हो सकेगा और अलग से स्थान की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भवन निर्माण नियमों में बदलाव जरूरी हो गया है। नए प्रावधान लागू होने के बाद लोगों को रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों में ही चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

- मनीष यादव, डीटीपी प्लानिंग, एचएसवीपी

सामान्य प्रश्न

फरीदाबाद में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कब लागू होगा?
ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को नई इमारतों में अनिवार्य करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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