Hindi NewsNcr NewsFaridabad NewsFaridabad Faces Pollution Crisis as GRAP Phase 3 Restrictions Fail to Enforce
ग्रैप का तीसरा चरण लागू, लेकिन पाबंदियों का नहीं हो रहा पालन

ग्रैप का तीसरा चरण लागू, लेकिन पाबंदियों का नहीं हो रहा पालन

संक्षेप: फरीदाबाद में केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा ग्रैप तीन चरण की पाबंदियों को लागू किया गया है, लेकिन इनका सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। आगरा नहर के किनारे कूड़े में आग लगने से स्थिति और बिगड़ गई है।

Wed, 12 Nov 2025 10:12 PMNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
share Share
Follow Us on

फरीदाबाद। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए ग्रैप तीन चरण की पाबंदियों को लागू कर दिया, लेकिन स्मार्ट सिटी में उन पाबंदियों पर सख्ती से लागू नहीं किया जा रहा। स्मार्ट सिटी सड़कों पर अभी भी जहरीला धुआं फेंकने वाले वाहन सरपट दौड़ रहे हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है। बुधवार को फरीदाबाद का एक्यूआई 274, जबकि बल्लभगढ़ का 119 दर्ज किया स्मार्ट सिटी में दीवाली के बाद से ही प्रदूषण का लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते अक्तूबर में ग्रैप एक व दो की पाबंदियां लागू की थी और अब 400 से अधिक प्रदूषण का स्तर पर होने पर मंगलवार को ग्रैप का तीसरा चरण लागू कर दिया गया।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इसके तहत स्विपिंग मशीन से सड़कों की नियमित सफाई करने के आदेश हैं। ताकि सड़कों पर धूल मिट्टी एकत्रित न हो। गुरुवार को स्मार्ट सिटी पॉश सेक्टरों की सड़कों को छोड़कर कहीं भी स्विपिंग मशीन से सफाई नहीं दिखाई दी। कुछ सड़कों पर नगर निगम कर्मचारी झाड़ू से सफाई करते अवश्य दिखाई दिए।उनकी झाड़ू की वजह से उड़ने वाली धूल प्रदूषण बढ़ा रही थी। आगरा नहर किनारे चार जगहों पर लगी थी आग जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ाने का प्रमुख कारण आगरा नहर सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर में आग है। यहां पर आए दिन कूड़े के ढेर में आग देखी जा सकती है। गुरुवार को सेक्टर-28-29 व खेड़ी पुल के बीच में, पल्ला, बीपीटीपी पुल से पहले, संजय कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, नंगला सहित कई जगहों पर कूड़े के ढेर में आग दिखाई दी। इसके अलावा रात के अंधेरे में कबाड़ियों द्वारा पुराने खराब टायरों में बड़े पैमाने पर आग लगाई जाती है। बाटा पुल, संजय कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, नंगला सहित कई जगहों पर टायरों में आग लगाई जाती है। इनके आसपास रहने वाले लोगों को धुएं और उससे उठने वाली दुर्गंध की वजह से सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। छिड़काव के नाम पर हो रही खानापूर्ति ग्रैप तीन की गाइड लाइन के अनुसार प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एंटी स्मॉग गन से पानी के छिड़काव को सबसे अहम माना गया है। स्मार्ट सिटी में नगर निगम द्वारा केवल खानापूर्ति की जा रही है। बता दें कि फरीदाबाद में पांच जगहों पर प्रदूषण स्तर मापने वाले यंत्र लगे हुए हैं। यह सेक्टर-16, सेक्टर-11, 30, बल्लभगढ़ और एनआईटी में लगे हुए हैं। प्रदूषण स्तर को कम दिखाने के लिए प्रदूषण स्तर मापने वाले मशीन के इर्द-गिर्द ही एंटी स्मॉग से छिड़काव किया जा रहा है। इससे स्मार्ट सिटी के प्रदूषण को कम दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। एनआईटी में नगर निगम कार्यालय में मशीन लगी हुई है। एंटी स्मॉग गन उसके आसपास छिड़काव करती दिखाई देती है। इसी प्रकार सेक्टर-16 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पर मशीन है। वहां पर भी कार्यालय के आसपास की छिड़काव किया जा रहा है, जबकि प्रदूषण पूरे जिले में हैं। एंटी स्मॉग से पूरे शहर में छिड़काव होना चाहिए। इसके अलावा शाम को सड़कों पर ट्रैफिक अधिक होने के दौरान छिड़काव के आदेश है, लेकिन अधिकारियों के यह आदेश केवल कागजों तक ही सीमित हैं। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की 10 से अधिक टीम और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बल्लभगढ़ की चार व फरीदाबाद की तीन टीम निरीक्षण कर रही है। फिलहाल कोई औद्योगिक इकाई प्रदूषण फैलाती नहीं मिली है। इसके अलावा टायर जलाने वालों के खिलाफ तीन एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं। -उज्ज्वल डागर, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय बल्लभगढ़