सरकारी स्कूलों में खाली जमीन पर तैयार कराएगा खेल का मैदान
फरीदाबाद में शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं का विकास करने के लिए नई पहल शुरू की है। खेल मैदानों को विकसित करने की यह पहल विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास और विभिन्न खेलों की सुविधाएं प्रदान करने का उद्देश्य रखती है।

फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। जिले के सरकारी स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग ने ऐसे सरकारी स्कूलों की पहचान करने का निर्णय लिया है, जहां खाली जमीन उपलब्ध है। इन स्कूलों में खेल मैदान विकसित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास और विभिन्न खेलों की सुविधाएं मिल सकें।
खेल नर्सरी की संख्या बढ़ाने की तैयारी
शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक सरकारी स्कूलों को खेल नर्सरी उपलब्ध कराना है। विभाग का मानना है कि जिन स्कूलों में बेहतर खेल सुविधाएं और मैदान होंगे, उन्हें खेल नर्सरी मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। वर्तमान सत्र में जिले को कुल 25 खेल नर्सरी मिली हैं, जिनमें से 12 सरकारी स्कूलों को आवंटित की गई हैं। विभाग अगले वर्ष इस संख्या को और बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
खेलों के प्रति बढ़ेगा विद्यार्थियों का रुझान
खेल मैदानों की उपलब्धता से विद्यार्थियों का खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा। नियमित अभ्यास से बच्चों की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का भी विकास होगा। साथ ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल सकेगा। इसके अलावा जिला शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले खेलों में सरकारी स्कूलों के बच्चों की सहभागिता भी बढ़ेगी। बता दें कि सरकारी स्कूलों में खेल का अनुकूल माहौल नहीं होने की वजह सरकारी खेल प्रतियोगिताओं में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों का दबदबा रहता है।
जिला शिक्षा विभाग ने बनाई कार्ययोजना
जिला शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रारंभिक कार्ययोजना तैयार कर ली है। स्कूलों से उपलब्ध भूमि और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।
यह प्रयास जिला स्तर पर किया जा रहा है। इससे सरकारी स्कूलों में खेलों का बुनियादी ढांचा तैयार करने का प्रयास है। उन सभी स्कूलों को चिन्हित किया जाएगा, जहां जगह खाली और मैदान विकसित किया जा सकता है। वहां पर मैदान विकसित करके अगले वर्ष उन स्कूलों द्वारा भी खेल नर्सरी के लिए आवेदन कराया जाएगा।
-हरबीर अधाना, सहायक शिक्षा अधिकारी (खेल)
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