दो धार्मिक स्थलों सहित बीस अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला

Newswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
Follow us on Google News
share

फरीदाबाद में नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनआईटी 3 में दो धार्मिक स्थल समेत 20 अवैध निर्माणों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई रात दो बजे शुरू होकर दोपहर दो बजे तक चली, जिसमें एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं, जिससे लोगों को परेशानी हुई।

दो धार्मिक स्थलों सहित बीस अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला

फरीदाबाद, धनंजय चौहान। नगर निगम ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनआईटी 3 में दो धार्मिक स्थल सहित 20 अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया। रात दो बजे शुरू हुई तोड़फोड़ दोपहर दो बजे तक चली। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब एक हजार पुलिस के जवान तैनात रहे और इंटरनेट भी बन्द रहा। इस कार्रवाई से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। अवैध निर्माण की तोड़फोड़ को लेकर पुलिस ने काफी से सतर्कता बरती। रात कार्रवाई से पूर्व प्रशासन ने व्यापक तैयारी कर रखी थी। किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों, डीएसपी, एसीपी, थाना प्रभारियों और अन्य अधिकारियों को तैनात किया गया। पुलिस बल की मौजूदगी इतनी अधिक थी कि पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। तोड़फोड़ कार्रवाई से पहले देर रात पुलिस के उच्च अधिकारियों ने रात करीब 11 बजे पूरे इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक-एक कर चिन्हित निर्माणों को गिराया और पूरे अभियान के दौरान स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी。

रात दो बजे शुरू हुई कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक तोड़फोड़ अभियान की शुरुआत देर रात दो बजे की गई, जिससे भीड़ एकत्रित न हो सके और कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की जा सके। रात करीब दो बजे नगर निगम की टीमें भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचीं। इसके बाद बुलडोजर, जेसीबी और अन्य मशीनों ने अवैध निर्माणों को हटाने का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार अभियान में करीब 30 मशीनों को लगाया गया था, जिनमें चार बड़ी हाइड्रोलिक मशीनें भी शामिल थीं। इन मशीनों की सहायता से नेहरू कॉलोनी और एनआईटी 3 में दो धार्मिक स्थल को ढहा दिया गया। इसके साथ ही 08 मकानों और 10 दुकानों को भी जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान निगम की टीमें लगातार मलबा हटाने का काम भी करती रहीं, जिससे रास्तों को सुबह होने से पहले साफ किया जा सके। कार्रवाई दोपहर दो बजे तक चली।

नाके लगाकर एक किलोमीटर का इलाका पुलिस छावनी बना

कार्रवाई को देखते हुए पुलिस ने तोड़फोड़ स्थल के आसपास लगभग एक किलोमीटर के दायरे में कड़ी नाकेबंदी की। सभी प्रमुख मार्गों और संपर्क सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए गए। मेट्रो मोड़ से ईएसआई चौक, मस्जिद चौक होते हुए सैनिक कॉलोनी लालबत्ती तक जाने वाला मार्ग अस्थायी रूप से बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया। इसके अलावा डीसीपी एनआईटी कार्यालय से मुल्ला होटल जाने वाला रास्ता और चिमनी बाई चौक भी बंद रखा गया। गुरुग्राम की ओर जाने वाले भारी और सामान्य वाहनों को बड़खल, अनखीर चौक, एमवीएन चौक और पाली रोड होकर निकाला गया। वहीं हल्के वाहनों के लिए बीके चौक, 4-5 चौक, पटेल चौक, बड़खल गांव रोड और सैनिक कॉलोनी होते हुए गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से निकाले गए। इन सभी मार्गों पर भारी पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन टीमें तैनात थी। पुलिस की इस नाकेबंदी से गुरुग्राम नौकरी करने वाले लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा। सुबह जब वह मेट्रो मोड से सैनिक कॉलोनी के लिए अपने वाहन लेकर निकले तो उन्हें पुलिस ने रोक दिया और अन्य मार्गों से जाने के लिए कहा।इसी प्रकार मुल्ला होटल से सैनिक कॉलोनी को जाने वाले चार पहिया के साथ दोपहिया वाहनों को पुलिस ने वापस लौटा दिया। इस दौरान कुछ स्थानों पर लोगों की पुलिस से कहासुनी भी खूब हुई। लोगों ने कहा ड्यूटी के टाइम पर रास्ता बंद करना गलत है। हालांकि पुलिस कर्मियों के समझाने के बाद वह वापस लौट गए।

इंटरनेट बंद, वर्क फ्रॉम होम प्रभावित

तोड़फोड़ अभियान के साथ सरकार ने एनआईटी क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। सरकार द्वारा जारी आदेशों के तहत मोबाइल इंटरनेट, डोंगल सेवाएं और बल्क एसएमएस सेवाओं पर रोक लगाई गई। अधिकारियों का कहना था कि कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों के फैलने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि वॉयस कॉल, बैंकिंग सेवाओं से जुड़े एसएमएस और ब्रॉडबैंड इंटरनेट को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया। इंटरनेट बंद रहने के कारण लोगों को ऑनलाइन भुगतान, यूपीआई लेन-देन, कैब बुकिंग और अन्य डिजिटल सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दुकानदारों ने बताया कि नेटवर्क नहीं होने से डिजिटल भुगतान प्रभावित हुए और ग्राहकों को नकद भुगतान करना पड़ा। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी वर्कफ्रॉम होम करने वाले लोगों को हुई। इंटरनेट नहीं चलने से वह ऑफिस के कार्य नहीं कर सके।

राहगीरों के लिए भूलभुलैया बना एनआईटी क्षेत्र

पुलिस की नाकेबंदी और मार्ग बंद होने के कारण एनआईटी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई प्रमुख मार्गों को बंद कर दिए जाने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। सामान्य दिनों में कुछ मिनटों में तय होने वाले रास्तों के लिए लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ा। बाजार, कार्यालय और अन्य स्थानों पर जाने वाले लोगों को भी परेशानी हुई। कई वाहन चालकों ने बताया कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दो से तीन गुना अधिक दूरी तय करनी पड़ी। दिनभर क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव अन्य मार्गों पर बढ़ा रहा।

अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी चलेगा अभियान

नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं है। शहर में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों और अवैध निर्माणों को चिन्हित करने का कार्य लगातार चल रहा है और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार न्यायालय के आदेशों का पालन करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान जारी रहेगा।

दोपहर तीन बजे तक बंद रहे चारों तरफ के मार्ग

नगर निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई दोपहर दो बजे खत्म होने तक सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस का सख्त पहरा रहा। बेरिकेडिंग को बंद रखा गया है। ऐसे में सुबह से शाम तक इन मार्गों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी तकलीफ हुई। वहीं नेहरू कॉलोनी में पुलिस का सख्त पहरा होने से लोग दिनभर घरों में कैद रहे।

सामान्य प्रश्न

फरीदाबाद में किस आदेश पर अवैध निर्माणों को तोड़ा गया?
फरीदाबाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माणों को तोड़ा गया।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।