नेहरू कॉलोनी के लोगों का प्रदर्शन
फरीदाबाद के नेहरू कॉलोनी में तोड़फोड़ के विरोध में नगर निगम मुख्यालय के बाहर धरना जारी है। प्रदर्शनकारियों ने मुआवजे और कार्रवाई पर रोक की मांग की। सीटू के जिला सचिव ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रशासन की कार्रवाई को अवैध बताया। अगली सुनवाई 22 जून को हाईकोर्ट में होगी।

फरीदाबाद,केशव भारद्वाज। नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ के विरोध में नगर निगम मुख्यालय के बाहर मंगलवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग उठाई। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग धरने में शामिल रहे। नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित धरने की अध्यक्षता बिजेंदर, पूनम, देवकी देवी और निरंतर पाराशर ने संयुक्त रूप से की। धरने में शामिल लोगों ने “तोड़फोड़ बंद करो” और “प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दो” जैसे नारे लगाए।
धरने का कारण
धरने को संबोधित करते हुए सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय विधायक ने कॉलोनी में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होने देने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने 29 मई की रात कार्रवाई की।
प्रशासन की कार्रवाई
उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया, जबकि अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। डंगवाल ने कहा कि जिन मकानों और दुकानों को तोड़ा गया, उनके मालिकों को पहले कोई लिखित नोटिस नहीं दिया गया। लोगों को केवल मौखिक रूप से मकान खाली करने के लिए कहा गया था।
निवासियों की चिंताएँ
वक्ताओं ने कहा कि कॉलोनी के निवासियों के पास राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, परिवार पहचान पत्र और बिजली कनेक्शन जैसे दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से लोगों में असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है।
सरकार से अपील
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार के पास उस भूमि से जुड़ी कोई योजना थी तो उसे पहले लोगों के सामने रखा जाना चाहिए था। बातचीत और सहमति का रास्ता अपनाने के बजाय एकतरफा कार्रवाई की गई।
धरने के विचार
धरने में बलबीर, सुभाष, शीला देवी, संतरा, शकुंतला, पूनम, नीता, बिजेंदर, नरेश और देवकी सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
कोर्ट में सुनवाई
कोर्ट में 22 जून को सुनवाई होगी
नेहरू कॉलोनी में तोड़फोड़ के मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में 22 जून को होगी। मंगलवार को नगर निगम ने अपना जवाब दाखिल कर दिया। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर नेहरू कॉलोनी के लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें लोगों ने तोड़फोड़ का विरोध किया है और तोड़फोड़ से पहले पुनर्वास की मांग की है।
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