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मंजूरी मिलने के छह माह बाद भी एलिवेटेड हिस्से का कार्य नहीं हुआ शुरू

फरीदाबाद। सेक्टर-65 से लेकर जेवर हवाई अड्डे के लिए बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे...

मंजूरी मिलने के छह माह बाद भी एलिवेटेड हिस्से का कार्य नहीं हुआ शुरू
हिन्दुस्तान टीम,फरीदाबादTue, 14 May 2024 11:00 PM
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फरीदाबाद। सेक्टर-65 से लेकर जेवर हवाई अड्डे के लिए बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज का निर्माण कार्य तो तेजी से चल रहा है। लेकिन, एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से पर इसकी मंजूरी के छह माह बाद भी अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसकी वजह एलिवेटेड हिस्से का डिजाइन संबंधी कार्य का मंजूर न होना बताया जा रहा है।
सेक्टर-65 के सामने डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के पास इसका इंटरचेंज का निर्माण कार्य चल रहा है। एक्सप्रेसवे के सेक्टर-65 फ्लाईओवर के साथ-साथ इंटरचेंज के पिलर बनाए जा रहे हैं। यहां 20 से ज्यादा पिलर खड़े किए जा चुके हैं। पिलर बनने से यहां इंटरचेंज का कार्य नजर आ रहा है। इंटरचेंज से आगे आठ किलोमीटर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एलिवेटेड बनना है। गत वर्ष अक्तूबर माह में इसे मंजूरी मिली थी। लेकिन, अभी तक एलिवेटेड हिस्से पर काम शुरू नहीं हो सका है। इस परियोजना से जुडे़ एक अधिकारी ने बताया कि डिजाइन की वजह से इसके कार्य में देरी हुई है। अब आने वाले दिनों में इस तरह एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से का काम शुरू होगा। इस बारे में एनएचएआई(नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया) के परियोजना निदेशक वीके जोशी और उपमहाप्रबंधक एसके बंसल को फोन किया गया। लेकिन, उनसे संपर्क नहीं हो सका।

मास्टर प्लान की वजह से बनी एलिवेटेड की योजना: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और एनएचएआई के बीच मास्टर प्लान-2031 को लेकर विवाद पैदा हो गया था। प्राधिकरण ने इस एक्सप्रेसवे की वजह से मास्टर प्लान में अड़चन आने की आशंका जताई थी। इसके बाद एफएमडीए, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन और एनएचएआई के बीच बैठक हुई। प्रदेश सरकार के स्तर पर सेक्टर-65 से जेवर की ओर आठ किलोमीटर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने को मंजूरी दी गई। इससे आगे यह एक्सप्रेसवे ऊंचाई पर बनाया जाएगा। उधर, एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए 27 सितंबर सन् 2022 को निर्माण कर रही कंपनी एपको कंस्ट्रक्शन के साथ समझौता किया था। समझौते वाले दिन से इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 730वें दिन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। मोहना गांव में कट बनवाने की मांग को लेकर किसानों के धरने की वजह से यह परियोजना लटक गई है। अब इसके अगले साल जून माह तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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