
बल्लभगढ़ में प्रदूषण इमरजेंसी, एक्यूआई पांच सौ तक पहुंचा
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बुधवार सुबह प्रदूषण का स्तर इमरजेंसी स्थिति तक पहुंच गया। एक्यूआई 500 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, धूप और हवा से प्रदूषण स्तर में गिरावट आई और शाम को एक्यूआई 300 दर्ज किया गया। अधिकारियों की उदासीनता के कारण लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ में बुधवार सुबह करीब आठ बजे प्रदूषण का स्तर इमरजेंसी की स्थिति तक पहुंचा गया। एक्यूआई 500 रिकॉर्ड किया गया। इससे यह इलाका गैस चैंबर बन गया था। हालांकि, दोपहर को धूप निकलने और हवा चलने से प्रदूषण स्तर में 200 अंकों की गिरावट आई और शाम चार बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की जाने वाली सूची में एक्यूआई 300 दर्ज किया गया। वहीं फरीदाबाद में प्रदूषण स्तर का एक्यूआई 197 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय एवं अन्य जिम्मेदार विभाग प्रदूषण स्तर को नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
अधिकारियों की प्रदूषण के प्रति उदासीनता की वजह से लोग जहरीली हवा में सांस लेने का मजबूर हैं। बल्लभगढ़ में एलिवेटेड पुल के काम के चलते कई जगहों से खुदा हुआ है। इससे गुजरने वाले वाहनों की वजह से धूल का गुबार छाया रहता है। इसके अलावा सोहना टी पॉइंट और राष्ट्रीय राजमार्ग सब्जी मंडी के पास काफी जाम रहता है। यहां पर सुबह और शाम को घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहनों के साइलेंसर से निकलने वाला धुआं बल्लभगढ़ इलाके की हवा को जहरीला बना रहा है। चोरी-छिपे कूड़े में आग लगाई जा रही जिले में कूड़े व कबाड़ में आग भी प्रदूषण बढ़ने का प्रमुख कारण है। बल्लभगढ़, एनआईटी क्षेत्रों में कई जगहों पर कूड़े के ढेर में आग लगाई जाती है। इसके अलावा अवैध तरीके से डाइंग यूनिट भी चल रही है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने कार्रवाई भी की थी। इसके बाद भ प्रदूषण में अंकुश नहीं लग पा रहा है। बल्लभगढ़ अनाज मंडी, गुरुग्राम नहर के किनारे, दशहरा मैदान के अलावा कई जगहों पर कूड़े के ढेर में आग लगाई जाती है। इसी प्रकार एनआईटी क्षेत्र में कई जगहों पर कबाड़ियों द्वारा टायर सहित कई वस्तुओं को आग लगाई जाती है। इससे जिले की हवा जहरीली हो रही है। पानी का छिड़काव सही से नहीं हो रहा कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने रविवार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए आठ एंटी स्मॉग और स्वीपिंग मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। जिलेवासियों ने कैबिनेट मंत्री के प्रयास को सराहा भी था, लेकिन वह एंटी स्मॉग गन फरीदाबाद के किस हिस्से में पानी का छिड़काव कर रही है। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इसी प्रकार स्वीपिंग मशीन का भी कुछ अता-पता नहीं। बता दें कि शहर की सड़कों की पुरानी मशीनों से ही पानी का छिड़काव हो रहा है। वह भी चुनिंदा क्षेत्रों में हो रहा है। सेक्टर-11 में भी स्थिति बिगड़ी शहर में बल्लभगढ़ के बाद सेक्टर-11 प्रदूषित क्षेत्र में शामिल रहा। क्षेत्र का एक्यूआई 229 दर्ज किया गया। इसके अलावा एनआईटी का 213 एक्यूआई रहा। वहीं जिले में सेक्टर-30 में सबसे कम प्रदूषण रहा। यहां का एक्यूआई 150 रिकॉर्ड किया गया। ठंड भी जिले में प्रदूषण के बढ़ने का कारण है। मौसम में नमी होने की वजह से प्रदूषण के बारीक कणों को ऊपर जाने का मौका नहीं मिलता। वह हमारे वातावरण में घूमता रहता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।

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