
स्मार्ट सिटी के 100 सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए डेस्क उपलब्ध होगी
फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब छात्रों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। शिक्षा निदेशालय ने लगभग 100 स्कूलों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इससे छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा और स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आएगी।
-शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों को ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें फर्श पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। शिक्षा निदेशालय सरकारी स्कूलों में ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इस योजना के तहत फरीदाबाद एवं बल्लभगढ़ खंड के करीब 100 सरकारी स्कूलों को ड्यूल डेस्क दी जाएंगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने ऑनलाइन स्कूल प्रमुख प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इसके पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।सरकारी
स्कूलों में लंबे समय से छात्रों के फर्श पर बैठकर पढ़ने की समस्या सामने आती रही है। खासकर सर्दी, गर्मी और बरसात के मौसम में बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ठंड के मौसम में ठंडा फर्श, गर्मी में तपती जमीन और बरसात में नमी के कारण बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटक जाता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बना रहता है। ड्यूल डेस्क उपलब्ध होने से इन सभी समस्याओं से निजात मिलेगी। बता दें कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। एक ओर छात्रों को एआई जैसा महत्वपूर्ण विषय पढ़ने की तैयारियां चल रही है। वहीं दूसरी ओर मूलभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकारी स्कूलों में बैठने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ड्यूल डेस्क योजना लाई गई है। ड्यूल डेस्क ऐसी व्यवस्था होती है जिसमें दो छात्र एक ही डेस्क पर बैठकर आराम से पढ़ाई कर सकते हैंग। इससे कक्षा में अनुशासन भी बेहतर रहता है और छात्रों को लिखने-पढ़ने में सुविधा मिलती है। पहले 150 स्कूलों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं बता दें कि स्मार्ट सिटी में 378 सरकारी स्कूल हैं। इसमें प्राथमिक, मिडल, हाई स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। ड्यूल डेस्क योजना पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बनाई थी। वर्ष 2022 में फरीदाबाद खंड के करीब 119 स्कूलों को ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराई गई थी। उसके बाद बल्लभगढ़ खंड के 50 स्कूलों में 29 स्कूलों को ड्यूल डेस्क दी गई थी। इसके बाद भी जिले के कई स्कूल ऐसे हैं, जहां ड्यूल डेस्क नहीं है। अब उन स्कूलों को डेस्क उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यालयों के लिए ड्यूल डेस्क की डिमांड पूछी गई थी। करीब 100 स्कूल प्रमुखों ने अपनी ऑनलाइन डिमांड भेजी थी। उन्हें शिक्षा निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराया जाना है। इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। संभवतया अप्रैल में नया सत्र शुरू होने से पूर्व स्कूलों को ड्यूल डेस्क उपलब्ध करा दी जाएं। पढ़ाई का माहौल होगा तैयार स्कूलों में डेस्क नहीं होने की वजह से छात्रों को फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने में बहुत परेशानियां आती है। सबसे अधिक परेशानी लिखने में आती है। छात्र कॉपी कभी फर्श पर लिखता है, तो अभी अपने पैरों पर, इससे लिखावट पर भी प्रभाव पड़ता है। ड्यूल डेस्क आने से छात्रों को स्कूल में पढ़ाई का माहौल मिलेगा। इसके अलावा लिखावट में भी सुधार आएगा। सरकार ने पिछले वर्ष ड्यूल डेस्क की मांग पूछी थी। फरीदाबाद से करीब 100 स्कूलों ने अपनी मांग भेजी थी। उसे उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। ड्यूल डेस्क छात्रों को मौसम की मार से बचाने के साथ पढ़ाई का अनुकूल माहौल देती है। कक्षाओं में ड्यूल डेस्क लगने के बाद कक्षा का अच्छा माहौल होता है। इन स्कूलों में वह भी शामिल हैं, जिनके पुराने ड्यूल डेस्क टूट गए। -महेंद्र सिंह, उप जिला शिक्षा अधिकारी

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