Faridabad News: विधायक ने विधानसभा में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक सहित विशेषज्ञों की कमी मुद्दा उठाया

हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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Faridabad News: नल्हड़ के शहीद हसन खान मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी की समस्या विधानसभा में उठाई गई। विधायक आफताब अहमद ने रेडियोलॉजिस्ट सहित रिक्त पदों पर भर्ती का सुझाव दिया। सरकार ने जल्द भर्ती करने का भरोसा दिया। कई प्रमुख विशेषज्ञ विभाग अभी भी स्थापित नहीं हुए हैं।

Faridabad News: विधायक ने विधानसभा में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक सहित विशेषज्ञों की कमी मुद्दा उठाया

Faridabad News: नूंह, अभिषेक शर्मा। नल्हड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया है। नूंह विधायक चौधरी आफताब अहमद ने रेडियोलॉजिस्ट समेत अन्य रिक्त पदों और मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। सरकार ने रिक्त फैकल्टी पदों पर जल्द नियमित भर्ती शुरू करने का भरोसा दिया है। इससे आने वाले समय में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद हैं। विधायक आफताब अहमद ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री से पूछा था कि मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट के रिक्त पदों को कब तक भरने के बारे में पूछा था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने उत्तर दिया है कि रेडियोलॉजिस्ट सहित रिक्त फैकल्टी पदों पर नियमित भर्ती जल्द शुरू की जाएगी। इससे मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में फैकल्टी को आकर्षित करने और उन्हें लंबे समय तक बनाए रखने के लिए वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है。

चार प्रमुख विशेषज्ञ विभाग अभी स्थापित नहीं

नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल हृदय रोग विभाग, कैंसर रोग विभाग, किडनी रोग विभाग और मस्तिष्क रोग विभाग स्थापित नहीं किए गए हैं। सरकार ने बताया कि इन विभागों में फैकल्टी के पद सृजित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इन महत्वपूर्ण विशेषज्ञ सेवाओं को मेडिकल कॉलेज में शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे गंभीर बीमारियों के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा विधायक ने

अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज भी स्टाफ की कमी से जूझ रहा

पिछले वर्ष अप्रैल से जून तक मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में की गई सर्जरी का वार्षिक ब्योरा भी सरकार से मांगा था। इसके अलावा अप्रैल 2024 से जून 2026 तक प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों का जिलेवार विवरण भी मांगा गया। स्वास्थ मन्त्री आरती राव ने अवगत कराया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया के साथ नए पद सृजित करने पर भी काम किया जा रहा है। -----

पलवल में बनेगा मेडिकल कॉलेज

फरीदाबाद के गांव छायंसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज भी स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। यहां पर भी अभी तक ओपीडी सेवाएं ही शुरू की जा सकी। आईपीडी सेवा के लिए लोगों को बीके अस्पताल या जिले के निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज को शुरू हुए करीब आठ वर्ष हो गए हैं, लेकिन ट्रॉमा केयर की सुविधाएं भी शुरू नहीं हो पाई है। एमबीबीएस की 100 सीट पर छात्रों को पढ़ाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों के अभाव में मेडिकल की पढ़ाई का कोई लाभ नहीं मिल रहा।

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प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार पलवल में भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसका निर्माण कब से शुरू होगा और इसका लाभ जनता को कब तक मिलेगा। इसकी कोई दिन व तारीख तय नहीं हुई है। बता दें कि पेलक गांव में 46 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए जमीन सरकार को ट्रांसफर कर दी गई है, लेकिन उस पर अभी तक काम नहीं शुरू हो पाया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी के बारे में क्या बताया गया?
नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया है।
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