उपायुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण किया

उपायुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण किया

संक्षेप:

पलवल में उपायुक्त डाॅ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति ने जिंदल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। समिति ने अस्पताल की सुविधाओं, रजिस्ट्रेशन और अधिनियमों के अनुपालन की जांच की। उपायुक्त ने मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और एआरटी तथा सरोगेसी अधिनियमों के पालन पर जोर दिया।

Nov 12, 2025 10:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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पलवल। उपायुक्त डाॅ. हरीश कुमार वशिष्ठ के नेतृत्व में बुधवार को सहायक प्रजनन तकनीक (एआरटी) अधिनियम तथा सरोगेसी अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा जिंदल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। जिला स्तरीय समिति ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, रजिस्ट्रेशन, आवश्यक अभिलेखों, तकनीकी स्टाफ तथा अधिनियमों के प्रावधानों के अनुपालन का निरीक्षण करते हुए जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समिति ने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव भी दिए और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि भविष्य में अधिनियमों के सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन किया जाए। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अस्पताल में सैनिटाइजेशन, साफ-सफाई, आवश्यक दवाइयों, चिकित्सकों, उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता आदि की जांच की।

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उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को अस्पताल में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने बताया कि एआरटी और सरोगेसी अधिनियमों का मुख्य उद्देश्य सहायक प्रजनन तकनीक एवं सरोगेसी से संबंधित प्रक्रियाओं को पारदर्शी और विनियमित बनाना है, ताकि भ्रूण दान, निषेचन, अंडाणु या शुक्राणु बैंक तथा सरोगेसी जैसी प्रक्रियाओं में नैतिक मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सभी पंजीकृत अस्पतालों और क्लीनिकों को इन अधिनियमों के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अति आवश्यक है। जिला स्तरीय समिति ने उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ के नेतृत्व में अस्पताल में रिकॉर्ड के रखरखाव, पंजीकरण प्रमाणपत्र, रोगियों की सहमति प्रक्रिया, चिकित्सकों की योग्यता और उपकरणों की स्थिति का भी निरीक्षण किया।