विजिलेंस जांच के बाद अधूरे विकास कार्यों ने परेशानी बढ़ाई
विकास कार्यों की देरी ने फरीदाबाद में परेशानी पैदा की है, जांच के लिए विजिलेंस टीम जाँच शुरू की है। अधूरे काम और ठेकेदारों की असामयिकता ने गलियों और सीवर लाइनों में गंदगी भरने से लोगों को परेशानी हो रही है।

फरीदाबाद, धनंजय चौहान। शहर में विजिलेंस जांच शुरू के बाद विकास कार्यों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालत यह है कि कहीं काम शुरू ही नहीं हो पाए हैं या फिर ठेकेदारों ने बीच में काम छोड़ दिया है, जिससे गुरुवार शाम हुई बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए।
विजिलेंस जांच और विकास कार्य
अधूरी पड़ी सड़कों, गलियों और सीवर लाइनों के कारण कई क्षेत्रों में कीचड़ और जलभराव की समस्या पैदा हो गई है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
भ्रष्टाचार का मुद्दा
पिछले दिनों सेक्टर-12 दिशा बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नगर निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, जिसके बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गाेयल ने नगर निगम में दो साल में हुए विकास कार्यों की जांच विजिलेंस को सौंप दी।
काम की असामयिकता
हाल ही में विजिलेंस की टीम ने नगर निगम में छापेमारी कर कई फाइलों को कब्जे में लिया था।
ठेकेदारों की असामयिकता
सूत्रों के अनुसार डर से अनेक ठेकेदार विकास कार्यों से हाथ पीछे खींचने लगे हैं।
सेक्टर-23 संजय कॉलोनी में 22 फुट रोड सहित कई गलियों का काम बीच में रुका हुआ है। इसी प्रकार नंगला एंक्लेव पार्ट 2 सरपंच चौक के आसपास की सभी गलियों को ठेकेदार ने खोद कर छोड़ दिया है। बड़खल गांव में एक साल बाद भी विकास कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। बारिश के बाद निर्माण सामग्री और खुदाई वाले स्थानों पर पानी भर गया, जिससे गलियां दलदल में तब्दील हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई स्थानों पर सड़कें तोड़ने के बाद नई सड़कें नहीं बनाई गईं। कहीं सीवर लाइन डालने के लिए खुदाई की गई, लेकिन काम पूरा नहीं होने से लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर बुजुर्गों और महिलाओं का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों की धीमी गति के कारण क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। बारिश के पानी के साथ कीचड़ और गंदगी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द जलनिकासी और सफाई नहीं कराई गई तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल सफाई, फॉगिंग और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जाए।
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