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विश्वविद्यालय बनाने को 68 गांवों के सरपंचों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

विश्वविद्यालय बनाने को 68 गांवों के सरपंचों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

संक्षेप:

नूंह जिले में प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए नांगल मुबारिकपुर गांव ने 800 एकड़ भूमि देने की पेशकश की है। 68 गांवों के सरपंचों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। पंचायत ने 180 एकड़ भूमि निःशुल्क देने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया था। यह स्थान शैक्षणिक संस्थान के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।

Jan 02, 2026 10:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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नूंह। नूंह जिले में प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर नगीना खंड के गांव नांगल मुबारिकपुर को चुने जाने की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को 68 गांवों के सरपंचों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। पंचायत ने जमीन देने की पेशकश दोहराई। बहरहाल, नूंह जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग को लेकर शुक्रवार को नगीना क्षेत्र के गांव नांगल मुबारिकपुर में एकजुटता देखने को मिली। सैकड़ों पंच-सरपंच, जिला पार्षद, ब्लॉक समिति सदस्य और सामाजिक प्रतिनिधि उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम सामूहिक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई 360 गांवों के जमादार चौधरी आस मोहम्मद ने की। 800 एकड़ भूमि उपलब्ध, पंचायत देने को तैयार प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि ग्राम पंचायत नांगल मुबारिकपुर के पास करीब 800 एकड़ पंचायत भूमि उपलब्ध है।

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फरवरी 2019 में पंचायत ने सर्वसम्मति से 180 एकड़ भूमि विश्वविद्यालय के लिए निःशुल्क देने का प्रस्ताव पारित किया था। पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरपंचों ने कहा कि पंचायत की मंशा स्पष्ट है और गांव शिक्षा के बड़े संस्थान के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना था कि यदि सरकार यहां विश्वविद्यालय स्थापित करती है तो जमीन को लेकर कोई बाधा नहीं आएगी। जिले के केंद्र में स्थित, पहुंच और माहौल अनुकूल गांव नांगल मुबारिकपुर के सरपंचों ने बताया कि यह स्थान मेवात जिले के लगभग मध्य में है। नूंह, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका तीनों क्षेत्रों से दूरी लगभग समान है। गांव नगीना-बड़कली चौक के पास स्थित है और जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा से मात्र तीन किलोमीटर दूर है। यहां मीठे पानी की उपलब्धता, शुद्ध वातावरण और चारों ओर अरावली की हरियाली मौजूद है। प्रतिनिधियों के अनुसार यह इलाका शैक्षणिक संस्थान के लिए शांत और सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है, जो विद्यार्थियों के लिए बेहद जरूरी है। सड़क, कनेक्टिविटी और प्रशासन की राय प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गांव दिल्ली-अलवर हाईवे 248-ए से तीन किलोमीटर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मरोड़ा कट से करीब नौ किलोमीटर दूर है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने मांग को गंभीरता से सुना और कहा कि विश्वविद्यालय तक पहुंच के लिए 33 फुट चौड़ी सड़क जरूरी होगी, जिसके लिए किसानों का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्कूल शिक्षा को मजबूत करना जरूरी है। उपायुक्त ने स्वीकार किया कि नांगल मुबारिकपुर जिले के बीचों-बीच स्थित है, जो स्थल चयन के लिहाज से महत्वपूर्ण बिंदु है। चौधरी आस मोहम्मद ने कहा कि नगीना क्षेत्र मेवात का केंद्र है और यहां विश्वविद्यालय बनने से शिक्षा, रोजगार और विकास को नई दिशा मिलेगी।