यूपी सीमा में सड़क का काम न होने से मंझावली पुल शुरू नहीं हो पा रहा
फरीदाबाद के मंझावली गांव के सामने यमुना नदी पर पुल तैयार है, लेकिन यूपी में सड़क निर्माण न होने से ट्रैफिक चालू नहीं हो पा रहा है। 2014 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हुआ। हरियाणा और यूपी...

फरीदाबाद। मंझावली गांव के सामने यमुना नदी पर ग्रेटर नोएडा जाने के लिए पुल तैयार हो चुका है, लेकिन, यूपी की सीमा में सड़क का काम पूरा न होने से मंझावली पुल पर ट्रैफिक चालू नहीं हो पा रहा है। हरियाणा और यूपी में एक ही दल की सरकार होने के बावजूद मंझावली पुल के लिए सड़क तैयार नहीं हो पा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि डबल इंजन की सरकार के बावजूद इस परियोजना का लाभ मिलने में देरी हो रही है। वर्ष 2014 में इस पुल का शिलान्यास किया गया था। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2016 में इस पुल का निर्माण कार्य कंपनी को आवंटित किया था। इसके बाद से इस पुल का निर्माण कार्य लगातार चल रहा है। जब इस पुल के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी तो वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण शुरू हो गया था। इसके बाद गंगा और यमुना नदी पर पुलों की ऊंचाई बढ़ाने की नीति आ गई। इस कारण इसमें देरी होती चली गई। लोक निर्माण विभाग ने इस कुछ अरसे पहले पुल का निर्माण कार्य तो पूरा कर लिया था।
खेड़ी पुल से लेकर मंझावली तक तक सड़क का काम पूरा नहीं हो सका है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस सड़क का अंतिम चरण का काम चल रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो 15 से 20 दिन में इस सड़क का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद हरियाणा की सीमा में पुल का सारा काम पूरा हो जाएगा। लेकिन, यूपी की सीमा में पुल को जोड़ने वाली सड़क का काम ही शुरू नहीं हो सका है। वहां अभी सड़क बनाने के लिए जमीन के अधिग्रहण का काम बचा हुआ है। जब तक यूपी की सीमा में सड़क बनाने का काम नहीं होगा, तब तक ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के लोगों को इस पुल का फायदा नहीं मिल सकेगा। हालांकि, कुछ वाहन चालक सड़क तैयार न होने के बावजूद कच्चे रास्ते से ग्रेटर नोएडा और दनकौर आदि में आवाजाही करने में जुटे हुए हैं।
ग्रेटर नोएडा पहुंचना आसान होगा
इस पुल के बनने से फरीदाबाद के लोगों के लिए ग्रेटर नोएडा जाने में आसानी होगी। अभी यहां के लोग ग्रेटर नोएडा जाने के लिए वाया दिल्ली और नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा पहुंचते हैं। वहीं मोहना गांव में यमुना नदी पर बने पुल से भी जेवर आदि इलाके में आवाजाही करते रहते हैं। लेकिन, मंझावली पुल बनने के बाद यहां ट्रैफिक फर्राटा भरेगा। आधे घंटे में ही लोग ग्रेटर नोएडा पहुंच सकेंगे। सबसे ज्यादा फायदा यहां से ग्रेटर नोएडा में नौकरी करने वालों और वहां के विभिन्न कॉलेज में पढ़ाई करने वाले छात्रों को फायदा मिलेगा।
सबसे पहले वर्ष 1987 में मंझावली पुल का हुआ था शिलान्यास
वर्ष 1987 में इस पुल की आधारशिला यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी और और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट ने रखी थी। लेकिन उस वक्त इस पुल पर काम शुरू नहीं हुआ था। इसके बाद केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद इस परियोजना पर फिर से काम शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 15 अगस्त वर्ष 2014 को इस पुल की आधारशिला रखी गई थी। वर्ष 2019 में इस पर ट्रैफिक शुरू होना था। इसके बाद वर्ष 2021 के जून माह में इसकी समयसीमा बढ़ा दी गई थी। 630 मीटर लंबे इस पुल को बनाने की डेडलाइन बार-बार बढ़ रही है। फिर भी इस पुल का उदघाटन नहीं हो पा रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी मंझावली पुल बड़ा मुददा बना था।
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