शेयर बाजार मे निवेश का झांसा देकर व्यापारी से पांच करोड़ ठगे
फरीदाबाद में साइबर ठगों ने व्यापारी से शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर करीब 5.56 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने 15 सितंबर तक तीन से चार फीसदी मुनाफे का झांसा दिया था। पीड़ित ने 21 दिन में बड़ी रकम...

फरीदाबाद, कार्यालय संवाददाता। साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर व्यापारी से करीब पांच करोड़ 56 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को करीब तीन से चार फीसदी मुनाफे के साथ निवेश की सारी रकम 15 सितंबर तक लौटाने का झांसा दिया था और महज 21 दिन में करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। साइबर थाना सेंट्रल की पुलिस मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पीड़ित ओल्ड फरीदाबाद में परिवार के साथ रहते हैं। उनका कार आदि का खरीद-फरोख्त का काम है। उन्होंने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया है कि उनके मोबाइल फोन में डाउनलोड व्हाट्सऐप पर अगस्त माह में एक अनजान नंबर से एक संदेश आया।
संदेश में शेयर बाजार से संबंधित बातें लिखी थी। इसके बाद उसी अनजान नंबर से उन्हें एक व्हाट्सऐप से ग्रुप से जोड़ भी लिया गया। उस ग्रुप का नाम टीएल फिन था और उसके एडमिन लक्ष्मीप्रिया पांडा और प्रोफेसर विनय गुप्ता नामक व्यक्ति थे। उसमें पहले से ही 118 लोग पहले से ही जुड़े हुए थे। पीड़ित का कहना है कि उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने की ईच्छा थी। इसलिए वह व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े रहे और उसमें चलने वाली सारी गतिविधि और संवाद पर नजर बनाए थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि ग्रुप से जुड़े सदस्य निवेश करने पर होने वाले मुनाफे की बातें एक-दूसरे से साझा कर रहे थे। साथ ही लोग चार गुणा मुनाफे की रकम भी बता रहे थे। यह देखकर उन्होंने भी निवेश करने की सहमति जता दी। फिर जालसाजों ने एक लिंक भेजकर पहले उनके मोबाइल फोन में एक ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद उस एप के जरिए निवेश करने को कहा गया। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने आरोपियों द्वारा बताए ऐप पर निवेश शुरू कर दिया। ----- 21 दिन में ही जमा कर दिए पांच करोड़ पीड़ित का कहना है कि आरोपियों के कहने पर उन्होंने 22 अगस्त से डाउनलोड ऐप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश करना शुरू किया। पहले उन्होंने एक लाख रुपये निवेश किए। ऐप पर कुछ ही पल में एक लाख रुपये को मुनाफे के साथ तीन लाख रुपये दिखाया जाने लगा। इससे उनमें लालच बढ़ गया। इस तरह से उन्होंने 12 सितंबर तक ऐप के माध्यम से आरोपियों द्वारा बताए बैंक खाते में करीब पांच करोड़ 56 लाख रुपये जमा करा दिए। इस तरह से आरोपियों ने उनसे महज 21 दिन में करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। ------ 15 सितंबर तक रकम लौटाने का वादा किया पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें तीन से चार फीसदी मुनाफे के साथ 15 सितंबर तक रकम लौटाने का भरोसा दिया था। ऐसे में उन्होंने कम समय में अधिक पैसा कमाने की चाहत में करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। लेकिन 15 सितंबर को जब वाट्सऐप ग्रुप बंद कर दिया गया और ऐप पर किसी तरह का अपडेट नहीं देखा तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। ऐसे में उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर-1930 पर कॉल करके पुलिस को शिकायत दी। फिर थाना पहुंचकर लिखित में शिकायत दी। पुलिस सोमवार रात मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। ----- शहर में यह अबतक की तीसरी सबसे बड़ी ठगी जानकारी के अनुसार सोमवार रात पुलिस के पास आई पांच करोड़ 56 लाख रुपये की ठगी स्मार्ट सिटी में तीसरी सबसे बड़ी ठगी है। इससे पहले 24 अगस्त को बल्लभगढ़ साइबर थाना की पुलिस के पास नौ करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। जालसाजों ने एयर टिकट का फर्म चला रही एक महिला से फर्म को किराए पर लेने का झांसा देकर करीब करीब नौ करोड़ रुपये ठग लिए थे। इसके अलावा बीते दिन माह एक महिला से ही साइबर ठगों ने करीब सात करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे। ---- आठ माह में 84 करोड़ रुपये की हुई ठगी साल 2025 के आठ महीनों में स्मार्ट सिटी के लोगों से लगभग 84 करोड़ रुपये साइबर ठगों ने ठग लिए हैं। जबकि साल 2024 में एक जनवरी से 31 जुलाई के दौरान कुल 90,50,97,078 रुपये की ठगी हुई थी। इसमें से 446393018 रुपये शिकायतों में और 458704060 रुपये दर्ज केसों में ठगे गए थे। ----- इस साल आई कम शिकायतें साल 2024 में 31 जुलाई तक पुलिस के पास 10242 शिकायतें साइबर ठगी को लेकर आई थी। इन पर जांच करते हुए 31 जुलाई तक 7012 शिकायतों का पुलिस ने निस्तारण किया था। वहीं साल 2025 में 31 जुलाई तक आई शिकायतों की संख्या 9525 है। इन पर जांच करते हुए 31 जुलाई तक 7634 शिकायतों का पुलिस ने निस्तारण किया है। बीते साल की तुलना में इस साल कुछ कम शिकायतें साइबर ठगी की पुलिस के पास पहुंची हैं। ----- इस साल 891 आरोपी हुए गिरफ्तार साल 2025 में अबतक पुलिस ने करीब 519 एफआईआर दर्ज कर 891 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं साल 2024 में अगस्त माह तक करीब 314 एफआईआर दर्ज कर 552 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि इस साल अबतक 199 एफआईआर को सुलझाते हुए 7,95,45,905 रुपये शिकायतकर्ताओं को वापस कराए गए हैं। ---- ठगी होने पर यहां करें शिकायत पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि साइबर अपराध होने पर नजदीकि पुलिस थाना, साइबर हेल्पलाइन 1930 या https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। साइबर पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के बैंक खातों को फ्रीज करके ठगी से प्राप्त की गई राशि वापस आपके बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दी जाएगी। ------ इस तरह से करें बचाव -किसी ऑफर व किसी प्रकार का लाभ देने के संबंध में कॉल पर ध्यान न दें -बैंक, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, आधार, पैन कार्ड आदि की गोपनीय जानकारी कहीं साझा नहीं करें -यदि कोई व्यक्ति फोन या मैसेज करके कम समय में ज्यादा पैसे कमाने का लालच देता है तो समझें वह साइबर ठग है। -लॉटरी या गिफ्ट बांटने वाली कंपनी या वेबसाइट को खोलकर ना देखें -जो ऐप्स प्रीपेमेंट फीस, प्रोसेसिंग फीस या प्री क्लोजर फीस ज्यादा मांगे उनके इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए - पोर्न साइट पर सर्फिंग न करें, केवल ऑथराइज्ड, सेफ वेबसाइट को ही खोलें - लाल रंग से ताले के निशान कटे होने वाली वेबसाइट को खोलने से बचें - फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच कर लें
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