Cyber cafe operators feel comfortable - साइबर कैफे संचालकों की चांदी DA Image

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साइबर कैफे संचालकों की चांदी

मनमानी : प्रत्येक साइबर कैफे में रोजाना 20 से 25 आवेदन फॉर्म भरे जा रहे

फरीदाबाद। वरिष्ठ संवाददाता

महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) संबद्ध सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन आवेदन फार्म जमा करने की प्रकिया अंतिम चरण में है। 28 जून को रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कॉलेजों में शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण कुछ छात्र साइबर कैफे में जाकर ऑनलाइन आवेदन फार्म भर रहे हैं। इससे साइबर कैफे संचालकों की चांदी हो गई है। ऐसे में कैफे संचालक ऑनलाइन फार्म भरने में छात्रों से मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। आरोप है कि ऑनलाइन फार्म भरने एवं जमा करने के एवज में साइबर कैफे संचालक करीब 150 से 200 रुपये तक वसूल रहे हैं। सेक्टर 16 नेहरू कॉलेज के आसपास बने साइबर कैफे में पिछले कुछ दिनों से सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक छात्रों की कतार लगी रहती है। कॉलेज के सामने चार साइबर कैफे बने हैं। एक साइबर कैफे संचालक का दावा है कि यहां एक साथ तीन से चार छात्र ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। प्रत्येक साइबर कैफे में रोजाना 20 से 25 आवेदन फॉर्म भरे जा रहे हैं। आवेदन फार्म भरने के दौरान अगर सर्वर में कोई दिक्कत है, तो न्यूनतम 40 से 50 मिनट भी लग जाता है। जबकि सामान्य रूप से 20 से 25 मिनट लगता है। कैफे में फार्म भरना कॉलेज प्रबंधन के लिए बना सरदर्दसाइबर कैफे में ऑनलाइन आवेदन फार्म भरना कॉलेज प्रबंधन और छात्रों के लिए सरदर्द बन गया है। दयानंद मेहता महिला कॉलेज की प्राचार्या का वंदना का कहना है कि साइबर कैफे में फार्म भरने वाले छात्रों की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। साइबर कैफे में ऑनलाइन में सावधानियां नहीं बरती जाती हैं। अधिकतर बच्चों में श्रेणी (जाति ), फोटो और दस्तावेजों को सही तरीके से नहीं भरने की शिकायतें आ रही हैं। एक बार आवेदनकर्ता इन सभी जानकारियों को ऑनलाइन कर देता है, तो उसे बदलने के लिए कोई विकल्प नहीं है। ऑनलाइन भरा जा रहा है आवेदन प्रदेश सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए करीब तीन वर्षों से ऑनलाइन आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं। पहली बार हरियाणा बोर्ड से 12वीं परीक्षा पास करने वाले छात्रों को दस्तावेज की जांच भी ऑनलाइन की जा रही है। हालाकि इसमें अभी तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इसे जल्द दूर करने का आश्वासन दिया गया है। -------------------------------------------------------50 रुपये से अधिक नहीं ले सकते हैं साइबर कैफे संचालक विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों का आदेश है कि अगर फार्म भरने के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत आती है। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन शहर के पांच से 10 साइबर कैफे को स्वीकृत कर सकता है। जो फार्म भरने के लिए छात्रों से मात्र 50 रुपये ही लेगा। अगर साइबर कैफे संचालक इससे अधिक पैसे लेता है, तो छात्र उसके खिलाफ कॉलेज प्रबंधन को शिकायत कर सकते हैं। ---------------------------दिल्ली के छात्रों का भी बढ़ रहा है रूझान डीएवी कॉलेज, नेहरू कॉलेज और महिला कॉलेज में दिल्ली के छात्रों का भी रूझान बढ़ा है। कॉलेज प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न कॉलेजों में रोजाना 15-20 दिल्ली के छात्र ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। इसकी संख्या 25-26 जून के बाद और बढ़ सकती है। नेहरू कॉलेज की प्रचार्या : डॉ. प्रीता कौशिक : विश्वविद्यालय की ओर से शहर के करीब 10 साइबर कैफे स्वीकृत हैं। वहां ऑनलाइन आवेदन फार्म मात्र 50 रुपये में भर सकते हैं। इससे ज्यादा साइबर कैफे संचालक नहीं ले सकते हैं। उनका भी मानना है कि कुछ साइबर कैफे संचालक आवेदन फार्म भरने के लिए मोटी रकम वसूल रहे हैं। ऐसे कैफे संचालक के खिलाफ विश्वविद्यालय कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है।

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