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आधार कार्ड की गलतियां ठीक करवाना बना मुसीबत

आधार कार्ड की गलतियां ठीक करवाना बना मुसीबत

वाकई! सेक्टर-12 लघु सचिवालय में आधार कार्ड बनवाना या उसमें गलतियों को ठीक करवाना लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। घंटों लाइनों में खड़े रहने के बाद भी यह निश्चित नहीं है कि आपका काम हो जाएगा। कई लोग ऐसे भी मिले जो एक काम के लिए तीन से अधिक दिन चक्कर लगा चुके हैं। लोगों का कहना है कि आधार कार्ड का सर्वर डाउन रहता है, इसलिए यहां आना पड़ता है। पांच से 10 रुपये में बिक रहा आधार कार्ड का आवेदन फार्म: सेक्टर-12 लघु सचिवालय में भी लोग इधर से उधर धक्के खाते घूमते हैं। भूतल पर बने ई-दिशा केंद्र में यूं तो आधार कार्ड के लिए आवेदन फॉर्म निशुल्क मिलना चाहिए, लेकिन ई-दिशा केंद्र के बाहर पांच से 10 रुपये में दलालों के कर्मचारी इस फार्म को बेचते दिखाई देते हैं। शुक्रवार को ई-दिशा केंद्र पर लोगों की लंबी कतार लगी रही। इस बीच कभी अधिकारी सीट पर नहीं बैठते तो कभी कर्मचारी नहीं मिलते हैं। लोगों का आरोप है कि यहां खुलेआम धड़ल्ले से भ्रष्टाचार दिखाई देता है। शुक्रवार को केंद्र के बाहर लोगों की भीड़ दिखी। यह सभी आधार कार्ड की त्रुटियां ठीक कराने के लिए कतार में लगे थी लेकिन कर्मचारी वहां नहीं था। दो मिनट बाद ही कर्मचारी आए और काम शुरू किया। दो काउंटरों में आधार कार्ड का काम किया जा रहा है। एक कौने में कुछ लोग पैसे लेकर आवेदन फार्म भरने के काम में व्यस्त है। लघु सचिवालय में दलालों का बोलबाला: लघु सचिवालय में दलालों का बोलबाला है। दलालों के लोग सचिवालय परिसर में ही पांच से दस रुपये में आवेदन फार्म बेचते हैं। 100 रुपये में आवेदन फार्म भरना और केंद्र अंदर घुसाने की जिम्मेवारी निभाते हैं। जबकि 500 रुपये में गलतियों को ठीक करवाने की गारंटी लेते हैं। आधार कार्ड बनवाने या उसकी गलतियों को ठीक करवाने के लिए लोग लंबी कतार सुबह साढ़े आठ बजे से ही लग जाते हैं। लोगों को आरोप है कि कर्मचारी जानबूझकर आधार कार्ड में गलतियां करते हैं ताकि फिर से आए। विधायक कर रहे जन्म तिथि और रिहायशी प्रमाण पत्र की पुष्टि: आधार कार्ड के आवेदन फार्म पर जन्मतिथि और रिहायशी प्रमाण पत्र की पुष्टि के लिए विधायकों से मुहर लगवाकर मंगाई जाती है। ऐसे में लोग कभी विधायक तो पार्षदों के चक्कर पहले लगाते हैं। आवेदन में जन्मतिथि और रिहायशी प्रमाण पत्र की पुष्टि करते जनप्रतिनिधियों से करवाई जा रही हैं। इसके लिए लोग पहले नेताओं के चक्कर काटते हैं और फिर दफ्तरों के चक्कर काटते हैं। -------------प्रतिक्रिया: लोगों को परेशान करने के लिए गलतियां करते हैं: शिल्पी: योजनाओं में आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है। मेरे कार्ड में नाम गलत है। कई बार फॉर्म जमा किया है, लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुआ है। लोगों को परेशान करने के लिए गलतियां करते हैं। मनीषा: कई दिनों से चक्कर लगाए जा रहे हैं। आधार कार्ड में कई गलतियां है। सुबह से लाइन में खड़े हैं। काम नहीं हो रहा है। बहुत सारे आधार कार्डों में एक जैसी जन्मतिथि डाल दी गई है। ऐसा जानबूझकर किया गया है। मनोज: इस दफ्तर में भारी भ्रष्टाचार है। कई दिनों से आधार कार्ड ठीक करवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। कोई सुनने वाला नहीं है। दलालों के काम होते हैं। मृत्युंजय: हमारे परिवार के सभी आधार कार्ड गलत बने हुए हैं। इनमें जन्म तिथि गलत है। नाम गलत लिखे गए हैं। जबकि आवेदन में ठीक नाम हमने लिखे थे फिर गलत क्यों हो गए इसकी जांच होनी चाहिए। ----------बलीना, नगराधीश: अगर कोई भी कर्मचारी या अधिकारी जानबूझकर काम में लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।

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  • Web Title: Correcting Aadhaar Card Mistakes