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विवाद:कुत्तों को गली में खाना खिलाने पर टकराव, थाने में दो पक्ष भिड़े

विवाद:कुत्तों को गली में खाना खिलाने पर टकराव, थाने में दो पक्ष भिड़े

संक्षेप:

फरीदाबाद के एनआईटी-पांच में लावारिस कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि मामला थाने पहुंचा। पुलिस ने बीच-बचाव किया। नगर निगम ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, लेकिन अब तक कोई शेल्टर होम नहीं बनाया गया है।

Feb 06, 2026 08:44 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। एनआईटी-पांच में लावारिस कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर लोगों में टकराव हो गया। मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायत लेकर एनआईटी थाने पहुंच गए। यहां पर भी पुलिस के सामने ही दोनों पक्ष भिड़ गए। वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव करवाया। यह मामला गुरुवार रात का है। दरअसल, शहर के बाकी हिस्सों की तरह एनआईटी-पांच में भी लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। यहां की गलियों में काफी संख्या में कुत्ते देखे जा सकते हैं। कुछ लोग इनकों खाना भी डालते हैं। इससे खाना डालने वाली जगहों पर इनके झुंड मंडराते रहते हैं। एनआईटी-पांच के जी ब्लॉक में भी कुछ लोग इन कुत्तों को खाना डालते हैं।

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इससे यहां कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। आरोप है कि जब लोग यहां से गुजरते हैं तो ये कुत्ते कई बार लोगों के पीछे दौड़ने लगते हैं। इससे लोगों में असुरक्षा का बोध होता है। लोगों का यह भी कहना है कि पिछले एक माह में लावारिस कुत्तों सात-आठ लोगों को काट भी चुके हैं। इन कुत्तों की वजहसे लोगों को अपने षर से निकलने से पहले डंडा लेकर निकलना पड़ता है। लोगों नेबताया कि एक महिला लावारिस कुत्तों को खाना खिलाती है। आरोप है कि जब नगर निगम के कर्मचारी लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने आते हैं तो वह उनके साथ झगड़ा कर उन्हें वहां से भगा देती है। दो दिन पहले एक कुतिया एक बच्चे के पीछे दौड़ी तो एक व्यक्ति ने कुतिया को डंडा मार दिया था। इस पर पशु प्रेमी महिला ने इस मामले की शिकायत एनआईटी थाने में दे दी थी। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार रात को थाने में बुलाया था। यहां बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में नोक-झोंक हुई। इस दौरान एक युवक एक बजुर्ग से भिड़ता हुआ नजर आया। वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने उनका बीच-बचाव किया। ------- ‘इस मामले में शिकायत मिली थी। दोनों पक्ष आरडब्ल्यूए के माध्यम से आपस में आम सहमति बनाएंगे। इस मामले मेंकिसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ है। खाना खिलाने का मसला नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है’ महावीर, एसएचओ, एनआईटी थाना --------- शहर में नहीं बने शेल्टर होम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद शहर में अब तक आवारा कुत्तों के लिए कोई भी अधिकृत फीडिंग सेंटर या शेल्टर होम नहीं बनाया गया है। नगर निगम ने फिलहाल सिर्फ हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि कुत्तों के आतंक और काटने की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण किया जा सके। लोग किसी क्षेत्र में अधिक परेशानी होने पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शहर में लगभग 50 हजार आवारा कुत्ते बताए जा रहे हैं। बीके अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार रोजाना 60 से 70 लोग रैबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं, जबकि ओपीडी में प्रतिदिन कुत्ते काटने के 80 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। कई बार समय पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। निगम का कहना है कि हेल्पलाइन से मिलने वाली शिकायतों के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि किन इलाकों में समस्या ज्यादा है। शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर निगम ने 0129-2411649, 0129-2411664, 0129-2415449 और 76890 44463 (अधिकृत वेंडर) नंबर जारी किए हैं। कुत्तों के लिए फीडिंग प्वाइंट तय नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नितीश परवाल ने दावा किया कि कुत्तों के लिए फीडिंग प्वाइंट तय किए गए हैं, लेकिन उन्हें पकड़कर रखने के लिए फिलहाल कोई शेल्टर होम नहीं है। इंजीनियरिंग ब्रांच की ओर से शेल्टर होम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद खूंखार कुत्तों को पकड़ने और बंध्याकरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। फिलहाल कुत्तों बंध्याकरण के लिए एक निजी एजेंसी का सहारा लिया जा रहा है।