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स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए जागरूकता रथ रवाना

जिले में ग्रामीण क्षेत्र के स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए जागरूकता रथ सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र दहिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सर्वें के दौरान गांव में स्वच्छता की स्थिति का पता चल सकेगा। इससे पहले अतिरिक्त उपायुक्त ने पंच सरपंच और ग्राम सचिवों के साथ बैठक की और सर्वेक्षण को सफल बनाने की अपील भी की।

अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र दहिया ने कहा कि जिले में करीब में करीब 116 पंचायत और करीब 149 गांवों में करीब 257 सफाई कर्मचारी है। जिनके सहयोग से सर्वेक्षण में अव्वल आ सकेंगे। इसलिए सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें। स्वच्छता सर्वेक्षण एक से 31 अगस्त तक चलेगा। इस सर्वेक्षण के तहत केंद्र सरकार की टीमें गांवों में स्वच्छता के विभिन्न मापदंडों का निरीक्षण करेंगी। सर्वेक्षण के बाद दो अक्तूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती पर इस सर्वेक्षण का परिणाम घोषित किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में मुख्यत: गलियों की साफ-सफाई, ठोस व तरल कूड़ा प्रबंधन, तालाब का प्रबंधन, राजकीय विद्यालय की साफ-सफाई, आंगनबाड़ी केंद्र, गांवों में स्थित धार्मिक स्थल, गांव के प्रवेशद्वार और गांवों के पंचायतघर आदि का निरीक्षण किया जाएगा। बैठक में स्वच्छता मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक उपेंद्र सिंह, परियोजना अधिकारी सुजाता धर, विजय धमीजा, ओमवीर तेवतिया आदि मौजूद रहे।

उधर, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान दिनेश पाली ने बताया कि ग्रामीण इलाके में कर्मचारियों की संख्या नियम के मुताबिक काफी कम है। और उन्हें न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता है। सभी सफाई कर्मचारी सरपंच के रहमोकरम पर जिंदा है। कर्मचारियों की मांग है कि साल में चार जोड़ी वर्दी ,13500 रुपये वेतन, महीने की 7 तारीख तक वेतन सीधा कर्मचारी के खाते मे पहुंचना चाहिए।

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