आशा कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन कार्य का किया विरोध
फरीदाबाद में आशा कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन कार्य के दबाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना दिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन रिपोर्टिंग का अतिरिक्त बोझ उनके मूल कार्यों को प्रभावित कर रहा है और अधिकारियों द्वारा मानदेय रोकने की धमकी दी जा रही है।

फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। आशा कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन कार्य का दबाव बनाए जाने को लेकर कड़ा विरोध जताया है। आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से नगर निगम कार्यालय के सम्मुख धरना दिया गया। इसके पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी और बीके अस्पताल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। आशा वर्कर्स से सभा आईडी और सीबीसी से जुड़े ऑनलाइन कार्य जबरन करवाए जा रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह तकनीकी कार्य है और इसके लिए अलग से प्रशिक्षित स्टाफ की आवश्यकता होती है। यूनियन का आरोप है कि आशा कार्यकर्ताओं की मूल जिम्मेदारी गांवों और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों से संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं देना है।
इसमें टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों की बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता जैसे कार्य शामिल हैं, जिनमें उनका अधिकांश समय व्यतीत हो जाता है। ऐसे में ऑनलाइन रिपोर्टिंग का अतिरिक्त बोझ उनके नियमित कार्यों को प्रभावित कर रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि बीएसी और पीएचएम स्तर के अधिकारी आशा वर्कर्स पर ऑनलाइन काम पूरा न करने की स्थिति में 6100 रुपये मानदेय रोकने की धमकी दे रहे हैं, जिसे यूनियन ने गैर संवैधानिक बताया है। यूनियन का कहना है कि इससे आशा कार्यकर्ताओं में मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।आशा वर्कर्स यूनियन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा से मांग की है कि आशाओं से जबरन ऑनलाइन कार्य करवाने पर तुरंत रोक लगाई जाए और उन्हें उनके मूल कार्यों तक सीमित रखा जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


