Faridabad News: अरावली में अवैध धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी
Faridabad News: फरीदाबाद में अरावली वन क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया है। वन विभाग धार्मिक स्थलों के आसपास अतिक्रमण की जांच करेगा। निरीक्षण के दौरान अवैध कब्जे के लिए नोटिस जारी होंगे। समय पर हटाने में विफल रहने पर कार्रवाई होगी।

Faridabad News: फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। अरावली वन क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान का दायरा अब और बढ़ने जा रहा है। मकानों और मोबाइल टावरों के बाद वन विभाग अब वन क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थल व उनके आसपास हुए अतिक्रमण और अवैध निर्माण की जांच करेगा। विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और इस महीने संयुक्त निरीक्षण अभियान शुरू होने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान जिन स्थलों पर वन भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण मिलेगा, वहां पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर विभाग कार्रवाई करेगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अरावली वन क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। बता दें कि वन विभाग ने पिछले बड़े स्तर पर अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया था। करीब एक महीने तक चली तोड़फोड़ में 700 से अधिक अवैध निर्माण हटाए गए थे। इसके अलावा वन विभाग की टीम को अनंगपुर गांव में विरोध का भी सामना करना पड़ा था। टीम पर पत्थरबाजी भी हुई थी। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई रोक दी गई थी। इसके अलावा वन विभाग ने पिछले दिनों दस अवैध मोबाइल टावरों को ध्वस्त किया था। अब विभाग का फोकस उन धार्मिक स्थलों पर है, जिनके आसपास समय के साथ अतिक्रमण होने की शिकायतें मिली हैं。
शिकायतों के बाद लिया फैसला
जिला वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अरावली क्षेत्र में कई धार्मिक स्थल वर्षों पुराने हैं, इनमें जो कानून के दायरे में आएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ इनके आसपास वन भूमि पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सभी धार्मिक स्थलों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया है। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि मूल धार्मिक स्थल के अतिरिक्त कहीं वन भूमि पर अवैध निर्माण तो नहीं किया गया है।
पुलिस सुरक्षा के बीच होगा निरीक्षण
वन विभाग निरीक्षण के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर रहा है। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी साथ रहेगा। विभाग का कहना है कि पहले सभी स्थलों का सर्वे किया जाएगा और जहां भी अवैध निर्माण मिलेगा, वहां संबंधित प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद भी निर्माण नहीं हटाने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अरावली में तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार हुई थी।
अरावली में वन से संबंधित गतिविधियां ही हो सकती है। इसके अलावा अन्य कुछ नहीं हो सकता। धार्मिक स्थल व उनके आसपास स्थित अवैध निर्माणों को चिन्हित करने का काम किया जाएगा।
-झलकार उयके, जिला वन अधिकारी
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