युवाओं को पारंपरिक कला का प्रशिक्षण मिलेगा
उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज द्वारा गुरु-शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत शास्त्रीय और लोक संगीत के संरक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अनुभवी गुरु को चयनित किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देंगे। चयनित गुरु और छात्रों को छात्रवृत्ति भी मिलेगी।

पलवल,धनंजय चौहान। उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज द्वारा गुरु-शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत शास्त्रीय एवं लोक संगीत जैसी विलुप्तप्राय विधाओं के संरक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के अंतर्गत अनुभवी गुरु और प्रशिक्षकों का चयन किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देंगे।आवेदन करने वाले गुरु की आयु 50 वर्ष या उससे अधिक और संबंधित क्षेत्र में कम से कम 20 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। चयनित गुरु, संगीतकार और शिष्यों को क्रमशः 7500 रुपये, 3750 रुपये और 1500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
इच्छुक प्रशिक्षक अपना नाम, पता और दूरभाष नंबर सहित आवेदन महानिदेशक, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा, चंडीगढ़ के पते पर भेज सकते हैं।
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