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‘आतंकी कलंक’ से छात्र और प्रोफेसर मर्माहत

‘आतंकी कलंक’ से छात्र और प्रोफेसर मर्माहत

संक्षेप: ग्राउंड रिपोर्ट: फरीदाबाद। केशव भारद्वाज धौज स्थित अलफला यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक मर्माहत

Wed, 12 Nov 2025 11:21 PMNewswrap हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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ग्राउंड रिपोर्ट: फरीदाबाद। केशव भारद्वाज धौज स्थित अलफला यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक मर्माहत हैं। छात्र और यहां पढ़ा रहे प्रोफेसर इस बात से ज्यादा दुखी हैं कि मीडिया में विश्वविद्यालय गलत वजहों से चर्चा में आ गया है। मीडिया में विश्वविद्यालय का नाम आतंक से जोड़ा जा रहा है। बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच दिल्ली धमाका और यहां के डॉक्टरों की गिरफ्तारी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ था। दोपहर को यहां पढ़ाने वाले डॉक्टरों का समूह चर्चा कर रहा था कि यहां पर कुछ प्रोफसरों की वजह से विश्वविद्यालय का नाम चर्चा में आ गया है।

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अब उन्हें यह भी बताने में संकोच हो रहा है कि वे अलफला यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए हैं। यहां कुछ प्रोफेसर अपने कुछ साथियों के बारे में चर्चा करते नजर आए कि वो जल्द ही यहां से नौकरी छोड़ने वाले हैं। वहीं, कुछ लोगों के छुट्टी पर जाने के बारे में भी चर्चा कर रहे थे। कुछ का कहना था कि फलां-फलां अपनी छुट्टी पर जाने वाले हैं। एक महिला प्रोफेसर के नौकरी छोड़ने के बारे में भी चर्चा करते नजर आए। यहां तक कहा कि वो सिर्फ अब त्यागपत्र देने के लिए ही आएंगी। बुधवार दोपहर जब यूनिवर्सिटी ने इस घटना को लेकर अपना स्पष्टीकरण जारी किया तो यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तैरने लगा। इस खबर को भी प्रोफेसर पढ़ते हुए नजर आए। प्रोफेसर का कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन को यह काम पहले दिन ही कर देना चाहिए था। अब जब यूनिवर्सिटी की देश भर में बदनामी हो गई है तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन को याद आ रहा है कि मीडिया में इसका खंडन करना भी जरूरी है। वे इस दौरान मीडिया में यूनिवर्सिटी को लेकर दिए गए टैग का नाम लेकर हंस रहे थे कि लैब में यहां छात्रों को पढ़ाने के लिए तो पूरे संसाधन हैं नहीं और लैब में बम बनाने की बातें की जा रही हैं। छात्रों को सता रही करियर की चिंता कुछ छात्र विश्वविद्यालय में चर्चा करते नजर आए कि इस घटना का उनके करियर पर भी फर्क पड़ेगा। अब उनको यह बताने में भी संकोच होगा कि उन्होंने अलफला यूनिवर्सिटी से चिकित्सा की पढ़ाई की है। उधर, स्थानीय इलाके के यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों का कहना था कि दो-तीन कश्मीरी डॉक्टर की वजह से हमारे इलाके की भी बदनामी हो गई। यहां के लोग अब बाहरी लोगों को खतरे के रूप में देख रहे हैं। हमारे इलाके में कभी इस तरह की घटना सामने नहीं आई थी। अब यहां के लोग बाहरी लोगों को अपने कमरे किराए पर नहीं देंगे।