140 illegal farm house of Aravali will be destroyed soon after getting the police - पुलिस मिलते ही अरावली के 140 अवैध फार्महाउसों पर होगी तोड़फोड़ की कार्रवाई DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पुलिस मिलते ही अरावली के 140 अवैध फार्महाउसों पर होगी तोड़फोड़ की कार्रवाई

अरावली की पहाड़यों के बीच अवैध रूप से बनाए गए करीब 140 अवैध निर्माण कभी भी ध्वस्त किए जा सकते हैं। बस पुलिब बल मिलने का इंतजार है। नगर निगम प्रशासन इसकी तैयारी में जुटा है। नगर निगम आयुक्त ने इसके लिए अतिरिक्त निगमायुक्त के नेतृत्व में टीम गठित कर दी है और पुलिस आयुक्त से इस तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए पुलिस बल की मांग की है। ऐसे में माना जा रहा है कि नगर निगम आयुक्त मोहम्मद शाइन अगर अपने आदेशों पर अमल करवाने में कामयाब रहे तो यह अवैध बने करीब 140 फार्म हाउस तो साफ होंगे ही, साथ ही अरावली में करीब छह सौ हेक्टेयर रकबे में अवैध रूप से बने अन्य फार्म हाउस व बैंक्वेटहाल आदि को भी अरावली बचाने के लिए साफ करने का रास्ता खुलेगा। दरअसल, अरावली में नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से बनाए गए फार्म हाउस रसूखदारों के हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और सरकार के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे में नगर निगम आयुक्त की यह कार्रवाई कितनी कारगर होगी? यह अब चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने निगमायुक्त मोहम्मद शाइन को गुरुवार को इसके लिए चंडीगढ़ तलब किया है। अरावली में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर वर्गीकृत की गई जमीन वन द्वारा आरक्षित घोषित की जा चुकी है। लेकिन इनमें कई स्थलों को लेकर जमीन के मालिक और नगर निगम के बीच अदालत में मामला विचाराधीन है। सूत्रों के मुताबिक अरावली में कई फार्म हाउस सरकारी अधिकारियों ने भी अपने परिवार या रिश्तेदारों के नाम पर बना रखे हैं। यह सभी फार्म हाउस हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 और पंजाब भूमि नियंत्रण अधिनियम 1963 और हरियाणा शहरी विकास -1975 की विभिन्न धाराओं और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करके बनाए गए।उपायुक्त ने दी मालिकाना हक की निगमायुक्त को रिपोर्टबीते मार्च महीने में नगर निगम आयुक्त ने यह कहकर कार्रवाई को रोक दिया था, कि फार्म हाउस का मालिक कौन है? यह नगर निगम को नहीं पता है। इनका मालिकानाहक जानने के लिए निगमायुक्त ने जिला उपायुक्त को ब्यौरा भेजा था, जिस पर करीब पांच महीने की मशक्कत के बाद जिला उपायुक्त ने रिपोर्ट तैयार करवाकर निगमायुक्त को वापस सौंप दी है। माना जा रहा है कि विभिन्न कानूनों का अरावली में उल्लंघन करके इन फार्म हाउसों की रजिस्ट्री व अन्य धांधली की गईं। निगमायुक्त ने कराए गए सर्वे में करीब 140 अवैध फार्म हाउसों की पहचान की गई थी, इनमें से 80 में पूरी चारदीवारी है और करीब 60 की चारदीवारी डीपीसी तक बनाई गई है। -----------2002 में आया सर्वोच्च न्यायालय का आदेशसर्वोच्च न्यायालय ने छह मई 2002 में अरावली पहाड़ी को वन आरक्षित क्षेत्र घोषित किया। इससे खनन जैसी हर प्रकार की खुदाई पर रोक लगाई गई। अरावली में निर्माण कार्य करने के लिए संबंधित व्यक्ति को वन विभाग से एनओसी लेनी अनिवार्य कर दी। बावजूद इसके निर्माण कार्य नहीं रूके। सरकार, शासन में रसूख रखने वाले के न्यायालय के आदेशों को दरकिनार करते हुए निर्माण जारी रखा हुआ है।------------------------सुरेंद्र सिंह, अतिरिक्त निगमायुक्त: जिला उपायुक्त की रिपोर्ट आ गई है। टीमें गठित कर दी गई हैं। आयुक्त के आदेश के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। किस क्षेत्र में कितना हेक्टेयर रकबा वन आरक्षित हैक्षेत्र रकबापाली 557लकड़पुर 122अनखीर 364बड़खल 674मेवला महाराजपुर 494अनंगपुर 593नूरपुर धूमुरपुर 27सिलाकरी 39अलिपुर सिकारगाह 159बीर सिकारगाह 16सुलतानपुर 138पलवल 37हसनपुर 92----------------------------अरावली में कब्जा की जा रही जमीन छुडाई नगर निगम आयुक्त ने अरावली के लिए एक निगरानी टीम गठित की है। टीम ने अपना काम करना शुरू कर दिया है। अरावली में करीब चार एकड़ जमीन पर कुछ लोग तार की फेंसिंग करके नगर निगम की जमीन कब्जा रहे थे। टीम ने इसकी सूचना तोड़फोड़ दस्ते को दी। तोड़फोड़ दस्ते ने मौके पर जाकर फेंसिंग को हटा दिया गया। कार्यकारी अभियंता दीपक किंकर ने बताया कि करीब चार एकड़ जमीन पर अज्ञात लोग फेंसिंग करके कब्जा कर रहे थे। मौके से तार फेंसिंग तार कब्जे में ले ली है और खंबों को तोड़ दिया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: 140 illegal farm house of Aravali will be destroyed soon after getting the police