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फरीदाबाद

पांच साल में 12 सीवर मजूदरों की मौत

हिन्दुस्तान टीम,फरीदाबादPublished By: Newswrap
Tue, 26 Jan 2021 03:01 AM
पांच साल में 12 सीवर मजूदरों की मौत

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और मानवाधिकार के निर्देशों को ताक पर रखकर मजदूरों को सीवर में उतारना बंद नहीं हो रहा है। बीती रात जनवरी की कड़कड़ाती ठंडी रात में एक बार फिर से मजदूरों को सीवर में उतारा गया और सीवर में उतारते ही दो लोगों की मौत हो गई। सफाई कर्मचारी यूनियन के मुताबिक बीते पांच साल में फरीदाबाद में 12 और हरियाणा में 26 लोगों की मौत सीवर में उतरने से हुई है।

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने बताया कि बीते पांच साल में फरीदाबाद में ये 12वीं मौत हैं। लेकिन किसी भी मामले में अभी तक न्याय नहीं मिला। नगर निगम गलत ठेके देता है। ऐसे ठेकों को रद्द किया जाए और नगर निगम में संसाधनों को पूरा किया जाना चाहिए। सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश हैं कि सीवर में किसी मजदूर को नहीं उतारा जा सकता है। लेकिन इन आदेशों को ताक पर रखकर काम करवाया जाता है। परिणामत: प्रतिवर्ष दो-तीन मजदूरों की मौत हो जाती है।

किसी ठेकेदार को नहीं मिली सजा

सर्वोच्च न्यायालय के प्रतिबंध के बावजूद सीवर में काम करवाया जाता है और हर साल सीवर मैन की मौत हो रही है। दोषियों के खिलाफ एफआईआर तो होती है, लेकिन किसी भी ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एफआईआर के बाद कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं होती। जबकि 27 मार्च 2014 को सर्वोच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई के बाद सीवर लाइन की सफाई के किसी मजदूर से करवाने पर रोक लगा दी। सीवर लाइन की सफाई मशीन से ही करवाई जा सकती है।

सीवर मैन के पास नहीं उपकरण

नरेश शास्त्री बताते हैं कि सीवर मैन को उपकरण नहीं दिए जाते हैं। सीवर मैन के पास सेफ्टी बेल्ट, वॉटर प्रूफ वर्दी, हेलमेट विद टॉर्च, ग्लब्स, मास्क, ऑक्सीजन सिलिंडर, गम बूट, टेक्नॉलजी के अनुसार, गैस डिटेक्टर आदि होना चाहिए, ताकि पता चल सके कि लाइन में गैस कितनी है। इसके बावजूद फरीदाबाद में कर्मचारियों के पास इनमें से कुछ भी दिखाई नहीं देते।

ओमवीर, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम:: सीवर सफाई का काम ठेकेदार के पास था, सीवर में मजदूर नहीं उतारने चाहिए थे, इस सारे मामले में एक्सईएन की रिपोर्ट का इंतजार है।

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