
नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ेगी फरीदाबाद रैपिड मेट्रो, NCR में तैयार होगा नया आर्थिक गलियारा
संक्षेप: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और सोनीपत तक किया जा रहा है। इसके साथ ही सीएम ने NCR में नया गलियारा तैयार किए जाने की भी बात कही।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और सोनीपत तक किया जा रहा है। इसके साथ नमो भारत रेल को भी हरियाणा के विकास में प्रमुख स्थान दिया गया है। गुरुग्राम मेट्रो को दिल्ली एयरपोर्ट से जबकि फरीदाबाद रैपिड मेट्रो को नोएडा एयरपोर्ट और करनाल को नमो भारत के जरिए हिसार एयरपोर्ट जोड़ने की तैयारी है।

NCR में तैयार होगा नया आर्थिक गलियारा
मुख्यमंत्री शनिवार शाम को गुरुग्राम में आयोजित 18वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में एक नया आर्थिक गलियारा तैयार होगा और लोगों को सुरक्षित, आरामदायक तथा ऊर्जा-कुशल यात्रा का विकल्प मिलेगा। मुख्यमंत्री ने परिसर में लगी शहरी विकास और गतिशीलता को दर्शाती विकासात्मक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
12 शहरों में इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा
नायब सिंह सैनी ने कहा कि बड़े बुनियादी ढांचे के साथ कनेक्टिविटी पर भी सरकार पूरा ध्यान दे रही है। शहरों में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों, ई-रिक्शा तथा साइकिल ट्रैक को बढ़ावा दिया जा रहा है। गुरुग्राम के अलावा 12 अन्य प्रमुख शहरों में फरीदाबाद, पंचकूला, रोहतक, करनाल, हिसार, पानीपत, यमुनानगर, सोनीपत, भिवानी, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र और अंबाला में आधुनिक सिटी बस सेवाएं शुरू की हैं। इसी के तहत राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत प्रदेश में चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
शहरों की योजना में स्थायी गतिशीलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों की योजना में स्थायी गतिशीलता और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार की ओर से परिवहन को इस तरह से एकीकृत किया जा रहा है, जिसके तहत अनियंत्रित शहरीकरण को रोक सकेंगे और संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकेंगे। 21वीं सदी के उस मोड़ पर खड़े हैं, जहां शहरी विकास की गति और दिशा, हमारी मोबिलिटी प्रणालियों से तय होती है। इसकी वास्तविकता को समझते हुए, इस वर्ष का विषय शहरी विकास और गतिशीलता का मेल चुना गया है।





