फरीदाबाद की नीमका जेल में भूख हड़ताल पर बैठे 40 से ज्यादा कैदी, फोन कॉल की संख्या घटाने पर भड़का गुस्सा

Feb 15, 2026 12:25 am ISTSourabh Jain पीटीआई, फरीदाबाद, हरियाणा
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अधिकारियों ने उन कैदियों को धमकाते हुए यह तक कह दिया कि अगर किसी ने इस कदम के खिलाफ या जेल अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जाएगा और उन्हें बैरक में बंद कर दिया जाएगा।

फरीदाबाद की नीमका जेल में भूख हड़ताल पर बैठे 40 से ज्यादा कैदी, फोन कॉल की संख्या घटाने पर भड़का गुस्सा

हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में बीते दिनों हुई एक आतंकी की हत्या के बाद जेल प्रशासन ने ऐसा कुछ फैसला ले लिया, कि जिसके विरोध में 40 से ज्यादा कैदी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। दरअसल कैदियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उन्हें अबतक हफ्ते में तीन बार अपने घरवालों से जो बात करने की अनुमति दी जाती थी, उसे घटाकर दो बार कर दिया गया है। सबसे खास बात तो यह है कि एक तो उन्हें इसके पीछे की वजह भी नहीं बताई गई, साथ ही जब कुछ कैदी इस बारे में बात करने गए तो उनके साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें सजा देने तक की धमकी दे दी गई।

कैदियों ने इस बारे में एक नोट जारी करते हुए अपनी शिकायतें बताईं हैं, जो कि शनिवार को सोशल मीडिया पर ऑनलाइन सामने आया। नोट में उन्हें बताया गया कि कुछ दिन पहले तक उन्हें सप्ताह में तीन दिन अपने घर फोन करने की इजाजत थी, जिसे घटाकर बिना किसी वजह के घटाकर अब दो दिन कर दिया गया था। कैदियों ने नोट में आगे बताया कि जब कुछ कैदी इस बदलाव का कारण पूछने गए, तो जेल अधिकारियों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की।

यहां तक कि अधिकारियों ने उन कैदियों को धमकाते हुए यह तक कह दिया कि अगर किसी ने इस कदम के खिलाफ या जेल अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जाएगा और उन्हें बैरक में बंद कर दिया जाएगा। इसके आगे कैदियों ने उनके साथ बुरा बर्ताव होने और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने की बात भी बताई।

इसके आगे नोट में लिखा था, 'अगर हमें कुछ होता है, तो इसके लिए जेल प्रशासन जिम्मेदार होगा। क्योंकि उन्होंने हमें जेल में लगे CCTV बंद करके पिटाई करने की धमकी भी दी है।'

बता दें कि जेल प्रशासन ने यह फैसला हाल ही में नीमका जेल में हुई उस वारदात के बाद लिया है, जिसमें राम मंदिर पर हमला करने की साजिश रचने के आरोपी एक कैदी को एक अन्य कैदी ने उसकी सेल में मार डाला था, जिसके बाद जेल में सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके बाद कुछ जेल अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था और फिलहाल वारदात की जांच चल रही है। उधर इस मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए जेल सुपरिटेंडेंट संजय बांगर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


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सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

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